आम आदमी पार्टी को ऑफिस खाली करने के लिए लोक निर्माण की ओर से जारी नोटिस पर आप नेता संजय सिंह और आशुतोष ने दिल्ली के एलजी अनिल बैजल को पत्र लिखा है। पत्र में पार्टी कार्यालय को खाली कराने को लेकर दिखाई जा रही तत्परता और भाजपा, कांग्रेस को एक से अधिक कार्यालय दिए जाने पर सवाल पूछा है कि क्या ये ठीक है।
संजय सिंह ने पत्र में लिखा है कि भारत के इतिहास में पहली बार हो रहा है कि 70 में से 67 सीटें जीतकर आने वाली आम आदमी पार्टी को दफ्तर नहीं मिल रहा है। जिस पार्टी को 70 में से 3 सीटें मिली हैं उसके पास उसी दिल्ली में सात दफ्तर हैं। इसी तरह एक भी सीट नहीं जीतने वाली पार्टी के पास चार दफ्तर हैं। उस पर कोई सवालिया निशान न तो आप लगा रहे हैं न ही आपकी व्यवस्था।
संजय सिंह ने कहा कि जिस पार्टी ने सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं, उसके पीछे पूरी मशीनरी हाथ धोकर पीछे पड़ी है। उस पर 27 लाख रुपये का जुर्माना भी एक अधिकारी की ओर से लगाया जा रहा है। यह अधिकारी ऐसा क्यों कर रहे हैं। क्या कोई कोर्ट का आदेश है। संजय सिंह ने आगे लिखा है कि ऐसा भाजपा नेताओं के इशारे पर हो रहा है।
बता दें कि दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग ने पार्टी को 27 लाख रुपये जुर्माने के तौर पर अदा करने का नोटिस भेजा है। इसकी वजह है कि पार्टी अपना राउज एवेन्यू स्थित दफ्तर तय समय में खाली करने में नाकाम रही है।
आम आदमी पार्टी को यह नोटिस मंगलवार को भेजा गया था। विभाग ने ये नोटिस पार्टी के उस याचिका के जवाब में दिया था जिसमें आप ने अपना कामकाज 206, राउज एवेन्यू वाले पते से ही संचालित करने की गुहार लगाई थी।
यह नोटिस आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पंकज कुमार गुप्ता के नाम से गया था। पीडब्ल्यूडी के डिप्टी सेक्रेटरी देबाशीष बिस्वाल द्वारा लिखे गए नोटिस में लिखा है कि कानून के अंतर्गत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसमें अवैध कब्जे को और बढ़ाया जा सके। इसलिए पार्टी को जुर्माने के तौर पर अवैध कब्जे का किराया चुकाना होगा जो 27 लाख रुपये है।