आम आदमी पार्टी के भीतर योगेन्द्र-प्रशांत को निकालने को लेकर चल रही जंग का अब एक नया चेहरा सामने आया है। मंगलवार को जहां औपचारिक रूप से एक के बाद एक आप नेता अपने सुरों में तेजी लाते गए वहीं अब आम आदमी पार्टी के विधायक भी योगेन्द्र-प्रशांत के खिलाफ लामबंद होने शुरू हो गए हैं।
मंगलवार को संजय सिंह के द्वारा सीधे तौर पर आरोप लगाए जाने पर प्रशांत भूषण ने पलटवार करते हुए कहा था कि उन्हें पता चला है कि आप के विधायकों से उनके खिलाफ जबरदस्ती हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं।
वहीं अब विधायकों की दो पेज कि चिट्ठी काफी कुछ साफ कर रही है। फर्स्ट पोस्ट अखबार के हवाले से पार्टी के ज्यादातर विधायकों ने एक चिट्ठी में दस्तखत करके कहा है कि चुनाव में प्रशांत और योगेन्द्र दोनों नेता पार्टी को हराना चाहते थे।
विधायकों को इकट्ठा करने के लिए है सिग्नेचर कैम्पेन
सूत्रों के हवाले से पार्टी के उच्च स्तरीय नेताओं के द्वारा एक पत्र कैम्पेन चलाया गया है जिसमें सभी 67 विधायकों को इकट्ठा कर दोनों को पार्टी से निकालने की कोशिश की जा रही है।
इस सिग्नेचर कैम्पेन के लिए दो पेज का लिखा गया है जो कि आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल के नाम है। इस लैटर में इन दो वरिष्ट नेताओं को पार्टी से निकालने की सिफारिश की गई है।
फर्स्टपोस्ट अखबार को मिली कॉपी में ये पत्र हिन्दी में लिखा गया है जिसमें इन दोनों के नेताओं पर कई आरोप लगाए गए हैं जिसमें पार्टी के खिलाफ गतिविधि में शामिल होना मुख्य मुद्दा है।
सचिवालय से मिला था हस्ताक्षर के लिए पत्र
पार्टी की लीडरशिप की तरफ से पत्र के साथ संलग्न किए गए एक कोरे कागज पर विधायकों से सिग्नेचर करने के लिए कहा गया था। दिल्ली सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक सोमवार दोपहर को सभी विधायकों की मीटिंग बुलाई गई थी, जिसमें विधायकों को हस्ताक्षर करने के लिए पत्र दिया गया।
अंग्रेजी अखबार ने जब आप के चार विधायकों से बात की जो सिग्नेचर के खिलाफ थे। उन्होंने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि उन पर दो पेज के इस लेटर पर साइन करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
आप सूत्रों के मुताबिक लगभग दोपहर दो बजे विधायकों ने पार्टी के वरिष्ठ रणनीतिकार आशीष तलवार ने दिल्ली सचिवालय में केजरीवाल को संबोधित ये पत्र दिया था।
क्या मायने हैं इस सिग्नेचर कैम्पेन के
एक विधायक के मुताबिक हमसे दो पेज के लैटर में से खाली कागज पर साइन करने के लिए कहा गया था जिसमें पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में शामिल रहने के लिए प्रशांत और योगेन्द्र यादव के नामों का जिक्र था।
28 मार्च को आप की राष्ट्रीय परिषद की मीटिंग होनी है जिसमें इन दोनों के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी के तौर पर इसे देखा जा रहा है।
अखबार की तरफ से जब इस पूरे मामले पर पार्टी से पूछा गया तो पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्त आशुतोष ने कहा कि मुझे इस बारे में पता नहीं है।