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गुटखे पर पूर्ण पाबंदी चाहती है ‘आप’ सरकार

Wed, 11 Mar 2015 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली सरकार गुटखा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की तैयारी में है। राजधानी में 11 सितंबर, 2012 से गुटखा,  तंबाकू या निकोटिन वाला पान मसाला बिक्री पर प्रतिबंध लागू है। जिसमें सात साल तक की सजा और दस लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियम, 2011 में की जाती है। पूर्ण पाबंदी के लिए विभाग को नया नोट बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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खाद्य सुरक्षा कानून के छेद की आड़ में गुटखा निर्माता कंपनियां गुटखे को सादा पान मसाला और तंबाकू के अलग-अलग पैकेट बनाकर बेच रहे हैं। क्योंकि तंबाकू खाद्य सामग्री में नहीं आता है। गुटखा खाने वाले दोनो पैकेट एक साथ फाड़कर मिला लेते हैं और फिर खाते हैं। हालांकि महाराष्ट्र समेत कुछ अन्य राज्य सादा पान मसाला और तंबाकू पैकेट की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

सूत्र बताते हैं कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने गुटखे के कारण स्वास्थ्य नुकसान और बीमारी पर खर्च का हवाला देकर पूर्ण प्रतिबंध की फाइल उपराज्यपाल के पास भेजी हुई है। लेकिन उपराज्यपाल ने यह सवाल उठाया था कि किस कानून के तहत यह प्रतिबंध लागू किया जा सकता है? कार्रवाई कौन सा विभाग करेगा क्योंकि तंबाकू खाद्य पदार्थ की श्रेणी में नहीं आता? सरकार को गुटखा बिक्री से करीब 200 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता था।
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तंबाकू पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना ही है विकल्प
खाद्य सुरक्षा कानून से पूर्व में जुड़े रहे अधिकारी बताते हैं कि इस कानून में सादा पान मसाला और तंबाकू के पाउच की बिक्री इस कानून में प्रतिबंधित नहीं की जा सकती। इसे प्र्रतिबंधित करने केलिए तंबाकू को पूर्णत: प्रतिबंधित करना होगा। हालांकि सरकार को मिलने वाले राजस्व को देखते हुए यह बहुत आसान नहीं है।

अफीम की तरह तंबाकू परमिट का भी है विकल्प
दिल्ली में अफीम की बिक्री पूर्णत: प्रतिबंधित है। लेकिन एक सरकारी दुकान है जिसमें परमिट होल्डर को अफीम दी जाती है। लेकिन नए परमिट नहीं बनाए जाते। तंबाकू-पान मसाला के मामले में भी कुछ ऐसा ही किया जा सकता है।
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