दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली सरकार की ओर से भाजपा पर दिल्ली की स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के नाम पत्र तैयार कर बदनाम करने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शिक्षा का जो मॉडल आम आदमी पार्टी ने बनाया है, उसे अरविंद केजरीवाल सरकार अपने राजनीतिक हित के लिए प्रयोग कर रहे हैं। तिवारी ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अभिभावकों के साथ 21 से 24 जून, 2019 तक होने वाली बैठकों के रद्द होने पर दिल्ली के उपराज्यपाल का धन्यवाद किया है।
उन्होंने इस संबंध में दिल्ली के उपराज्यपाल से स्कूल प्रबंधन समितियों को भंग करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने स्कूल प्रबंध समितियों में 21 से 24 जून तक किये जाने वाले आयोजन के दोषी अधिकारियों के ऊपर त्वरित कार्रवाई की भी मांग की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कार्यक्रमों में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता जाकर अपना राजनीतिक एजेंडा रखते हैं और केजरीवाल का समर्थन करने के लिए अभिभावकों और अध्यापकों पर दबाव डालते हैं। स्कूल प्रबंधन समितियों को यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है कि किस बच्चे के परिवार में कितने सदस्य हैं, इसकी जानकारी भी एकत्र करके दी जाये। केजरीवाल की शिक्षा नीति का यह मॉडल पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है।