मुुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कच्ची कॉलोनियों में विकास कार्यों को युद्धस्तर पूरा करने का निर्देश दिए हैं। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि दिल्ली की 781 कच्ची कॉलोनियों में जारी रहे विकास कार्यों को युद्ध स्तर पर अगले पांच महीनों में पूरा करे।
शनिवार को सिंचाई विभाग के मंत्री सत्येंद्र जैन व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कच्ची कॉलोनियों में किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। इसके साथ ही 18 विधानसभा क्षेत्रों में सीवर, गलियों, नालियों और सड़कों के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को विकास कार्य के साप्ताहिक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। बैठक में कहा गया कि कच्ची कॉलोनियों में चल रहे विकास कार्य लोकसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता के कारण बाधित हुए।
मुख्यमंत्री ने हर संबंधित अधिकारी का पक्ष सुना और उनसे कहा कि अगर किसी भी काम में अधिकारियों को किसी विभाग से कोई भी दिक्कत आती है तो वह सीधे मुख्यमंत्री से संपर्क करें। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस वर्ष के बजट में 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान कच्ची कॉलोनियों में विकास कार्यों के लिए आवंटित किए हैं। पिछली सरकारों को कच्ची कॉलोनियों की याद केवल चुनावों के दौरान आती थी और इन कॉलोनियों में रहने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार से दिल्ली में रोजगार की तलाश में आए लोगों को चुनाव के बाद भुला दिया जाता था।
मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि बुराड़ी, मटियाला, विकासपुरी, बादली, मुंडका, किराड़ी, नांगलोई, उत्तम नगर, नजफगढ़, संगम विहार, ओखला, बदरपुर, देवली, रोहताश नगर, गोकलपुरी, बिजवासन, छतरपुर, करावल नगर और पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्रों में स्थित 781 कच्ची कॉलोनियों में चल रहे विकास कार्यों को मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार दी गई समय सीमा में विभाग पूरा करेगा।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर योजनाबद्ध तरीके से दिल्लीवासियों के लिए आवासीय फ्लैट्स का निर्माण ठीक तरह से किया होता तो दिल्ली के बेतरतीब विकास नहीं हुआ होता। दिल्ली की बढ़ती जनसंख्या के अनुपात में डीडीए आवासीय मांगों पर खरी नहीं उतरी। इससे देश की राजधानी का बेतरतीब ढंग से विकास हुआ।