आतिशी भी कर चुकी हैं दावा
दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी के दावे ने दिल्ली में एक बार फिर से सियासी पारा बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि आप नेताओं को मैसेज आया है। जिसमें इंडिया गठबंधन छोड़ने को कहा गया है। गठबंधन करने पर गिरफ्तारी की धमकी दी गई है। दो दिन में सीबीआई का नोटिस आ सकता है। मुख्यमंत्री केजरीवाल की गिरफ्तारी की साजिश रची जा रही है।
मंत्री आतिशी ने कहा कि भाजपा से कहना चाहते हैं कि अरविंद केजरीवाल और हम इनकी जेल भेजने की धमकी से डरने वाले नहीं हैं। अगर ये 'आप' के सभी नेताओं और विधायकों को भी जेल में डाल देंगे तो आप का एक-एक कार्यकर्ता नेता के तौर पर खड़ा हो जाएगा और देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करेंगे।
प्रवर्तन निदेशालय ने आप के राष्ट्रीय संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सातवीं बार नया समन जारी किया। इससे पहले छठा समन जारी कर 19 फरवरी को पेश होना था। लेकिन केजरीवाल उस समन पर पेश नहीं हुए थे। उन्होंने कहा था कि अभी मामला कोर्ट में चल रहा है। इसलिए ईडी कोर्ट के फैसले का इंतजार करे।
छह समन हो चुके हैं जारी
इससे पहले भी ईडी छह समन भेज चुकी है, जिसे मुख्यमंत्री ने नजरअंदाज कर दिया था। ईडी ने 19 फरवरी, 2 फरवरी, 17 जनवरी, 3 जनवरी, 21 दिसंबर और 2 नवंबर को केजरीवाल को समन भेजा था, लेकिन दिल्ली सीएम पेश नहीं हुए थे। इससे पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दिए जवाब में पूछा कि यदि वह आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी नहीं हैं, तो उन्हें समन क्यों जारी किया गया।
16 मार्च को कोर्ट में पेश होंगे सीएम केजरीवाल
17 फरवरी को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंस से अदालत में पेश हुए थे। उन्होंने अदालत को आश्वासन दिया कि वे दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र समाप्त होने के बाद मार्च में शारीरिक रूप से पेश होंगे। इसके बाद अदालत ने आश्वासन को स्वीकार करते हुए सुनवाई 16 मार्च तय कर दी। अदालत ने उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ जारी समन का पालन न करने पर तलब किया था।
क्या हैं आरोप
आरोप है कि दिल्ली सरकार ने 2021-22 के लिए एक्साइज नीति के तहत जिन शराब व्यापारियों को लाइसेंस जारी किए थे, उन्होंने इसके लिए रिश्वत दी थी और साथ ही मनपसंद शराब व्यापारियों को ही लाइसेंस जारी किए गए। हालांकि आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों से इनकार किया। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने गड़बड़ी के चलते शराब नीति को रद्द कर दिया था और सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। ईडी ने भी कथित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में मामला दर्ज किया था।