अनधिकृत कॉलोनियों के मसले पर आप ने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। कॉलोनियों से जुड़ा बिल लोकसभा में पेश होने पर उसका कहना है कि दिल्लीवालों को कानून का जुमला नहीं, रजिस्ट्री चाहिए। पार्टी ने विधेयक को दिल्लीवालों के साथ धोखा करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा सिर्फ 100 लोगों को रजिस्ट्री देने की तैयारी में है। पार्टी ने मांग की है कि पूरी दिल्ली को केंद्र सरकार रजिस्ट्री दे।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि केंद्र सरकार चुनाव से पहले 100 लोगों को रजिस्ट्री देने की तैयारी में है। चुनाव से पहले रजिस्ट्री दिलवाने का महज सांकेतिक काम किया जाएगा। अन्य लोगों को रजिस्ट्री चुनाव के बाद देने के बाद कही जा रही है। सवाल यह है कि वह 100 लोग कौन होंगे?
दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोग जो रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं, उनका क्या कसूर? उनको क्यों नहीं मिलनी चाहिए रजिस्ट्री? इससे यह साफ होता है कि भाजपा भी कांग्रेस की राह पर चल रही है। आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि 2008 के चुनाव से पहले कांग्रेस ने इसी तरह प्रोविजनल सर्टिफिकेट बांटे थे।
अब भाजपा 100 लोगों की रजिस्ट्री कराकर जनता के आंखों में धूल झोकने का काम करने जा रही है। इससे साफ है कि उसकी नीयत खराब है। यह सिर्फ चुनावी दाव है। भाजपा लोगों की रजिस्ट्री कराना नहीं चाहती। वह लोगों को सिर्फ बेवकूफ बनाने में लगी है। संजय सिंह ने मांग की कि चुनाव से पहले पूरी दिल्ली को रजिस्ट्री दी जाए।