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केजरीवाल भी विधायकों के पीछे छोड़ेंगे जासूस

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आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के तरकश में अभी कई तीर हैं। इसके संकेत सोमवार शाम उन्होंने यह कहकर दिए कि अगर शेर सिंह डागर को भाजपा हटाती है तो आगे इस तरह के कार्य में लिप्त अन्य बड़े नेताओं के नाम आने पर क्या उन्हें भी हटाएगी?
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एके के इस तेवर से सरकार बनाने की कोशिश में जुटी भाजपा की स्थिति वैसी है जैसे नमाज छुड़वाने गए थे और रोजे गले पड़ गए।

बताया जाता है कि आप के विधायकों को प्रलोभन देने का सिलसिला पिछले एक महीने से चल रहा है। संभव है कि इस अवधि में उन्होंने कुछ और नेताओं का स्टिंग कर रिकॉर्डिंग कर ली है। इसलिए सीधी चेतावनी दी है कि भाजपा सरकार बनाकर तो दिखाए।

दिल्ली में अगर भाजपा की सरकार बनी तो सब मुंह की खाएंगे। केजरीवाल ने जिस तरह से दावा किया उससे लगता है कि भाजपा का कोई बड़ा नेता उनके जाल में आ चुका है, जिसका वह सही मौका आने पर ही खुलासा करेंगे।
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AK के धमाके से बैकफुट पर भाजपा

केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा भी है कि क्या डागर की तरह अन्य नेताओं के नाम आने पर भाजपा कार्रवाई करेगी। पार्टी सूत्रों का भी कहना है कि सरकार बनाने की कोशिश में कुछ अन्य लोग भी कैमरे में कैद हो चुके हैं।

दरअसल, अभी तक आप सुप्रीमो विधायकों को खरीदने का मौखिक आरोप भाजपा पर लगा रहे थे, लेकिन सोमवार को स्टिंग पेश करते समय उनकी आंखों में भी चमक दिखाई दी।

दूसरी ओर एके के इस धमाके के बाद भाजपा का बैक फुट पर आना तय माना जा रहा है। केजरीवाल ने आज दिखाए गए स्टिंग की रॉ फुटेज मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में देने की बात भी कही है। सरकार बनाने को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट में आज (मंगलवार) सुनवाई होनी है, जिसमें दिल्ली में सरकार के गठन को लेकर जवाब दाखिल करना है।
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AAP विधायकों के पीछे लगे हैं ‘जासूस’

दिल्ली में सरकार बनाने की रस्साकशी के बीच विधायकों पर नजर रखने के लिए ‘जासूस’ उनके हर मूवमेंट पर नजर रखे हुए हैं। विधायकों पर नजर रखने वाले प्रोफेशनल जासूस नहीं बल्कि राजनैतिक दलों के कार्यकर्ता ही हैं।

दिल्ली में राजनैतिक उथल-पथल के बीच इस समय खासकर आप व कांग्रेस के सामने अपने विधायकों को सहेज कर रखने की बड़ी चुनौती है। आप सूत्रों के अनुसार वैसे तो पार्टी ने अपने विधायकों पर विश्वास जताया हुआ है, लेकिन पार्टी ने राजनीति में कुछ भी संभव है, पर ध्यान देते हुए अपने वॉलेंटियर्स को करीब आधा दर्जन विधायकों के मूवमेंट पर नजर रखने को कहा है।

हालांकि सूत्रों का कहना है कि यह कदम पार्टी विधायकों की सुरक्षा को लेकर भी उठाया गया है। पिछले माह कांग्रेस विधायकों के टूटने की सूचना के बाद से ही कांग्रेस भी अपने विधायकों पर नजर रखवाए हुए है। सूत्र बताते हैं पार्टी के पदाधिकारियों को ही यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें विधायक कब किससे मिल रहे हैं और कहां पर मिल रहे हैं इसकी रिपोर्ट आलाकमान को दी जा रही है।
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