इसके पहले भारत के सभी प्रधानमंत्रियों का अंतिम संस्कार राजघाट पर किया जाता था। उन्होंने कहा कि सिख समाज से आने वाले, पूरी दुनिया में ख्याति प्राप्त, 10 वर्ष भारत के प्रधानमंत्री रहे डॉ. मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार और समाधि के लिए केंद्र सरकार 1000 गज जमीन भी न दे सकी।
पूर्व प्रधानमंत्रियों का अंतिम संस्कार राजघाट पर हुआ: आप सांसद संजय सिंह
आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि अभी तक देश के करीब सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों का अंतिम संस्कार राजघाट में ही हुआ है। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ यह भेदभाव भाजपा की सोच को दिखाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछना चाहता हूं कि भारत के एक महान अर्थशास्त्री जिनकी पूरी दुनिया में कद्र है। भारत के प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने अपनी जिंदगी के दस वर्ष इस देश को आगे बढ़ाने के लिए लगाए।
डॉ. मनमोहन सिंह सिख समाज से आने वाले भारत के एक मात्र प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले देश के लगभग सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों का अंतिम संस्कार राजघाट परिसर में हुआ है। लेकिन ये लोग राजघाट परिसर में डॉ. मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार के लिए जगह देने को तैयार नहीं हैं। इस देश के 144 करोड़ लोग जो हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में आस्था रखते हैं, जो डॉ. मनमोहन सिंह के किए गए कार्यों की सराहना करते हैं, उनसे उन्हें भी तकलीफ हुई होगी।
सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार को घेरा
वहीं मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह खबर सुनकर मैं स्तब्ध हूं कि देश के दस साल तक प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह को, जिसे पूरी दुनिया एक विद्वान मानती है। उनकी आर्थिक नीतियां दुनियाभर के विश्वविद्यालयों में पढ़ी और पढ़ाई जाती हैं। जिन्होंने देश को आर्थिक मंदी से बचाया। उदारीकरण में देश को आगे ले गए। एक सिख समुदाय से आने वाले प्रधानमंत्री का दिल्ली के निगम बोध घाट में अंतिम संस्कार हुआ।