नोटबंदी के तहत सोमवार को पुराने नोटों को जमा कराने की नई गाइडलाइन जारी होने के बाद से सरकार पर विपक्ष ने हमला फिर तेज कर दिया है। आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर इन्हीं गाइडलाइन पर सवाल उठाए हैं।
दरअसल सोमवार(19 दिसंबर) को आरबीआई ने गाइड लाइन जारी की थी कि, जो भी 5000 रुपए से अधिक के पुराने नोट जमा कराएगा उससे बैंक में सवाल पूछा जाएगा।
हालांकि आज वित्त मंत्री ने खुद इस फैसले को बदलते हुए यह कह दिया है कि लोगों से सवाल नहीं पूछा जाएगा। लेकिन सरकार के इस फैसले के बाद वो विपक्ष के निशाने पर आ गई है। इस संबंध में आम आदमी पार्टी का कहना है कि अगर वित्त मंत्री और पीएम मोदी ने खुद कहा था कि लोग बैंकों के सामने भीड़ ना लगाएं उनके पैसे जमा करने के लिए 30 दिसंबर तक का समय है तो ये नया नियम बनाने का क्या मतलब है।
आप प्रवक्ता आशुतोष ने अखबारों में छपे केंद्र सरकार के विज्ञापन की प्रति दिखाते हुए सवाल किया कि जब खुद पीएम ने एड देकर लोगों से ये अपील की कि जल्दी क्या है अभी 30 दिसंबर तक का समय है तो अब ये 5000 रुपए वाला नियम क्यों बनाया गया।
आप का ये भी आरोप है कि नोटबंदी यानी 9 नवंबर से आज तक सरकार करीब 59 बार नियमों में बदलाव कर चुकी है। किसी भी सरकार या प्रधानमंत्री ने आजतक ऐसा नहीं किया है। देश को एक सशक्त प्रधानमंत्री की जरूरत थी जो उसे नहीं मिल पाया।