आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर विदेशी चंदा मामले में फंस रही भाजपा व कांग्रेस को बचाने के लिए फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेग्यूलेशन एक्ट (एफसीआरए) में बदलाव करने का आरोप लगाया है। दोनों दलों को कानूनी शिकंजे से बचाने के लिए सरकार यह बदलाव कर रही है।
आप की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया है कि वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट सत्र के दौरान गत 29 फरवरी को जो वित्त विधेयक पेश किया है उसमें एफसीआरए में विदेशी कंपनी की परिभाषा को पूर्ववर्ती प्रभाव से बदलने का प्रस्ताव है।
आप के मुताबिक नई परिभाषा में किसी विदेशी कंपनी की भारतीय इकाई को तब तक विदेशी नहीं बल्कि भारतीय कंपनी माना जाएगा जब तक वह सरकार द्वारा निर्धारित निवेश सीमा के तहत काम करती है।
यह परिभाषा वर्ष 2010 से लागू हो जाएगी। आम आदमी पार्टी के अनुसार मोदी सरकार का यह कदम भाजपा और कांग्रेस को विदेशी चंदा हासिल करने को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई से बचाने की कोशिश है।
हाईकोर्ट विदेशी चंदा लेने पर भाजपा और कांग्रेस को दोषी ठहरा चुका है। इस पर सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी जहां पर दिल्ली उच्च न्यायालय के इस फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
फिलहाल यह मामला वहां विचाराधीन है। आप ने केंद्र सरकार के इस फैसले की निंदा करते हुए गैर भाजपा और गैर कांग्रेसी दलों से इसे संसद में रोकने की अपील की है।