हरियाणा में आरक्षण मिलने के बाद अब जाट संगठन पंजाब, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र व आंध्र प्रदेश आदि राज्यों में प्रदेश स्तर और पूरे देश के जाटों को केंद्रीय स्तर पर आरक्षण के लिए आंदोलन शुरू करेंगे। इस संबंध में जाट संगठनों के प्रमुख नेताओं की रविवार को मुंडका में बैठक हो रही है, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने जाट आरक्षण को लेकर बैठक बुलाई है, जिसमें देशभर के जाट नेता हिस्सा लेंगे। समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक के अनुसार, केंद्र सरकार और हरियाणा व अन्य राज्यों की सरकारों के रुख को देखते हुए जाटों के समक्ष एक बार फिर आंदोलन करने की नौबत आ गई है।
क्योंकि गत 22 फरवरी हरियाणा में जाट आंदोलन को स्थगित कराने के दौरान हरियाणा व केंद्र सरकार की ओर से की गई घोषणाओं पर अमल नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र व आंध्र प्रदेश में जाटों को प्रदेश स्तर पर आरक्षण देने की दिशा में कोई पहल नहीं हो रही है। नौ राज्यों की तरह इन राज्यों में भी जाटों को आरक्षण मिलना चाहिए।
इसी तरह केंद्र स्तर पर जाटों को ओबीसी में शामिल कराने की प्रक्रिया भी ठप हो चुकी है। दूसरी ओर बैठक में हरियाणा में आंदोलन के दौरान मरे लोगों के आश्रितों को नौकरी व मुआवजे की घोषणा के बाद भी अमल पर हो रही देरी पर चर्चा की जाएगी।
इसी तरह वायदे के बावजूद आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों की वापसी नहीं होने व झूठे आरोपों में बेगुनाहों को जेलों में डालने की कार्रवाई की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।