फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीजेपी की सियासी चाल पर AAP ने खेला दांव!

विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली में सत्ता को लेकर चल रहे घमासान के बीच आम आदमी पार्टी फिलहाल विरोध करने वाले विधायकों पर तल्ख होने के मूड में नहीं है।
विज्ञापन


राजधानी के मौजूदा सियासी माहौल में तय किया गया है कि पार्टी की मुखालफत करने वाले AAP विधायकों को बाहर का रास्ता नहीं दिखाया जाएगा।

इसकी जगह  चुनाव के ऐलान तक इंतजार किया जाएगा। पार्टी की यह कोशिश भाजपा की सियासी चाल का काट तलाशने की है।

तो इसलिए डर रही है केजरी की पार्टी!

‘आप’ का मानना है कि उसकी पार्टी के दो-तिहाई विधायकों का टूटना बेहद मुश्किल है। आशंका जाहिर की जा रही है कि भाजपा आधा दर्जन ‘आप’ विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसा सकती है।

फिर अनुशासनात्मक कार्रवाई होने पर सभी विधायकों की सदस्यता बरकरार रहेगी। बाद में पार्टी से निकाले गए विधायक विनोद कुमार बिन्नी की तरह सभी भाजपा की सरकार को समर्थन देने का ऐलान कर सकते हैं।

इससे भाजपा पर पार्टी तोड़ने का इल्जाम भी नहीं लगेगा और उसकी सरकार भी बन जाएगी।

AAP ने समझी विरोधियों की चाल!

इससे बचने के लिए ‘आप’ ने नई रणनीति तैयार की है कि चुनाव के ऐलान तक जरूरी होने के बावजूद विधायकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।

पार्टी के खिलाफ बोलने वाले विधायकों को समझाकर शांत करने की कोशिश की जाएगी। ऐसे में पार्टी के साथ बने रहने के अलावा उनके पास ज्यादा विकल्प नहीं बचेगा। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि विपक्षियों की सियासी चाल की थोड़ी समझ ‘आप’ रणनीतिकारों में आ गई है।

वैसे तो उनके विधायक पार्टी के खिलाफ नहीं जाएंगे, लेकिन अगर भाजपा सरकार बनाने की कोशिश करती है तो उसकी चालाकी कामयाब नहीं हो सकेगी।
विज्ञापन

चुनाव की तैयारी में जुटी AAP

कुछ विधायकों के सरकार बनाने की दलील के बावजूद ‘आप’ का आला नेतृत्व इससे सहमत नहीं है। पार्टी ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी का बड़ा तबका मानकर चल रहा है कि भाजपा ‘आप’ को तोड़कर सरकार नहीं बनाएगी।

विधानसभा व लोकसभा चुनाव में मिले वोटों का आकलन किया जा रहा है। साथ ही हार-जीत के अंतर को पाटने की भी योजना बन रही है।

सरकार बनाने की आवाज उठाने वाले विधायकों से भी बातचीत की जा रही है। पार्टी नेता मनीष सिसोदिया ने बताया कि वे सरकार नहीं बनाएंगे। इसकी जगह उनकी तैयारी चुनाव में जाने की है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें