दिल्ली के हजारों नगर निगम कर्मचारियों को अपनी दीपावली बिना वेतन के ही गुजारनी पड़ी है। पिछले तीन महीने से बिना वेतन काम कर रहे निगमकर्मियों के लिए यह बेहद कठिन घड़ी साबित हुई है। ऐसे में कर्मचारियों के अंदर निगम प्रशासन को लेकर भारी असंतोष है। आम आदमी पार्टी ने इसे निगम कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति निगम प्रशासन का घोर अमानवीय व्यवहार बताया है। पार्टी ने निगम से जल्द से जल्द कर्मचारियों के बकाए वेतन का भुगतान करने की मांग की है।
आम आदमी पार्टी नेता दुर्गेश पाठक ने शुक्रवार को कहा कि जिस समय भाजपा के नेता अपने-अपने घरों में बेहद शान से दीपावली मना रहे थे, ठीक उसी समय निगम कर्मचारियों के घर दीपावली की रात चूल्हे नहीं जले। दीपावली के ठीक एक दिन पहले भी निगम कर्मियों ने बकाए वेतन को जारी किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था, लेकिन इसके बाद भी उनका वेतन जारी नहीं किया गया। इस मामले पर कर्मियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
वहीं, भाजपा ने इस मामले पर आम आदमी पार्टी पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि निगम कर्मियों के बकाए वेतन के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी घड़ियाली आंसू बहा रही है। उन्होंने कहा कि यदि आम आदमी पार्टी कर्मियों के बकाए वेतन को देने के लिए वाकई गंभीर है, तो उसे दिल्ली सरकार से नगर निगमों के बकाए 13,000 रुपये का फंड जारी कराना चाहिए, जिससे निगम प्रशासन अपने सभी बकाए को चुकाकर अपना कार्य सुचारू रूप से चला सके।