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आम आदमी पार्टी ने मांगा बिप्लब देब के जाट समुदाय वाले बयान पर इस्तीफा, दुष्यंत चौटाला से भी पूछे ये सवाल

Wed, 22 Jul 2020 03:21 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत - फोटो : एएनआई
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अपने विवादास्पद बयानों से सुर्खियों में रहने वाले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब के एक नए बयान में फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उनके बयान से आम आदमी पार्टी इतनी नाराज है कि उसने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री का इस्तीफा ही मांग लिया है।

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क्या बोले आप के कैलाश गहलोत
कैलाश गहलोत ने बिप्लब देब के बयान पर नाराजगी जताई और हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से पूछा है कि, 'क्या वह जाट नहीं हैं? अगर आप जाट हैं तो क्या आप मंदबुद्धि हैं, क्या आप पागल हैं? अगर आप पागल हैं, मंदबुद्धि हैं तो आप डिप्टी सीएम कैसे बने? अगर आप मंदबुद्धि नहीं है, पागल नहींं है तो बिप्लब देब का इस्तीफा मांगिए। पूरी आम आदमी पार्टी बिप्लब देब के इस्तीफे की मांग करती है कि अगर किसी सीएम की ऐसी सोच है तो उसे सीएम रहने का कोई हक नहीं है। मैं भाजपा की सीनियर लीडरशिप से भी पूछना चाहता हूं कि आपने बिप्लब देब के खिलाफ क्या कार्रवाई की है।'


 

क्या है बिप्लब का विवादित बयान
दरअसल बिप्लब देब ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि, 'अगर हम पंजाब के लोगों की बात करें तो हम कहते हैं, वह एक पंजाबी हैं, एक सरदार हैं! सरदार किसी से नहीं डरता। वे बहुत मजबूत होते हैं लेकिन दिमाग कम होता है। कोई भी उन्हें ताकत से नहीं बल्कि प्यार और स्नेह के साथ जीत सकता है।'
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उन्होंने आगे कहा था, 'मैं आपको हरियाणा के जाटों के बारे में बताता हूं। तो लोग जाटों के बारे में कैसे बात करते हैं... वे कहते हैं... जाट कम बुद्धिमान हैं, लेकिन शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं। यदि आप एक जाट को चुनौती देते हैं, तो वह अपनी बंदूक अपने घर से बाहर ले आएगा।'

बयान पर विवाद बढ़ने के बाद बिप्लब देब ने मांगी माफी
दोनों समुदायों से माफी मांगते हुए बिप्लब देब ने कहा कि, अगर मेरे बयान से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो उसके लिए मैं व्यक्तिगत रूप से क्षमाप्रार्थी हूं। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा, 'अगरतला प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में मैंने अपने पंजाबी और जाट भाइयों के बारे मे कुछ लोगों की सोच का जिक्र किया था। मेरी धारणा किसी भी समाज को ठेस पहुंचाने की नहीं थी। मुझे पंजाबी और जाट दोनों ही समुदायों पर गर्व है। मैं खुद भी काफी समय तक इनके बीच रहा हूं।'


दोनों समुदाय से माफी मांगते हुए बिप्लब देब ने कहा, मेरे कई अभिन्न मित्र इसी समाज से आते हैं। अगर मेरे बयान से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो उसके लिए मैं व्यक्तिगत रूप से क्षमाप्रार्थी हूं। देश के स्वतंत्रता संग्राम में पंजाबी और जाट समुदाय के योगदान को मैं सदैव नमन करता हूं और भारत को आगे बढ़ाने में इन दोनों समुदायों ने जो भूमिका निभाई है उसपर प्रश्न खड़ा करने की कभी मैं सोच भी नहीं सकता हूं।

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