लोकसभा चुनाव में भाजपा को मात देने के लिए विपक्षी दलों की एकजुटता की कोशिश के बीच आम आदमी पार्टी ने बुधवार समान नागरिक संहिता का समर्थन किया है। केंद्र सरकार की इस पहल से सैद्धांतिक सहमति जताते हुए आप ने कहा है कि इस मसले पर आम सहमति जरूरी है। उधर, पार्टी ने दिल्ली की सभी सातों लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया है। दोनों फैसले संयुक्त विपक्ष के साथ आप के जाने पर संदेह पैदा कर रहे हैं। वजह यह कि समान नागरिक संहिता और सीटों के एलान पर संयुक्त विपक्ष ने अभी तक अपनी राय नहीं रखी है।
आप के राष्ट्रीय संगठन महासचिव व राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने बुधवार को दिल्ली और हरियाणा के आप नेताओं के साथ बैठक के बाद मीडिया को बताया कि आम आदमी पार्टी सैद्धांतिक रूप से समान नागरिक संहिता का समर्थन करती है। संविधान का आर्टिकल 44 भी इस बात की वकालत करता है। इसमें कहा गया है कि देश में समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए। लेकिन यह मुद्दा सभी धर्मों व संप्रदायों से जुड़ा है और सब पर असर डालने वाला है, ऐसे में सरकार को पूरे मामले में आम सहमति बनानी चाहिए।
दूसरी तरफ लोक सभा चुनाव के बारे में पाठक ने बताया कि वह 2024 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने चुनाव लड़ने के एकतरफा ऐलान के बाद भी विपक्षी दलों के भाजपा के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही यह भी जोड़ा कि एकता कांग्रेस के रवैये पर निर्भर करती है।
संदीप पाठक ने केंद्र सरकार पर सीबीआई और ईडी को बर्बाद करने का आरोप भी लगाया। वहीं उन्होंने कहा कि भाजपा को हराने के लिए विपक्षी दलों को एक साथ आना चाहिए। हालांकि यह कांग्रेस पर निर्भर करता है। कांग्रेस के खुले दिल से काम करने के साथ-साथ सभी को साथ लेकर चलने को तैयार होने की स्थिति में कुछ भी संभव है, लेकिन उसके अहंकारी होने पर चीजें मुश्किल होंगी। इस तरह उन्होंने एक तरह से कांग्रेस के साथ गठजोड़ करने के संकेत दिए।