सिसोदिया ने भाजपा पर लगाया बड़ा आरोप
वहीं, सोमवार को दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया। सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा कि मेरे पास भाजपा का संदेश आया है, आप तोड़कर भाजपा में आ जाओ, सारे सीबीआई और ईडी के केस बंद करवा देंगे। मेरा भाजपा को जवाब- मैं महाराणा प्रताप का वंशज हूं, राजपूत हूं, सर कटा लूंगा लेकिन भ्रष्टाचारियों- षड्यंत्रकारियों के सामने झुकूंगा नहीं। मेरे खिलाफ सारे केस झूठे हैं। जो करना है कर लो।
सीबीआई और ईडी की धमकी देते हैं भाजपा नेता: सिसोदिया
सिसोदिया ने आरोप लगाया कि पहले भाजपा के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सीबीआई और ईडी की धमकी देते हैं और उसके बाद सीबीआई की कार्रवाई होती है। केंद्र सरकार चाहती है कि महंगाई बढ़ती रहे और कोई विपक्षी दल सरकार से सवाल न करे। भाजपा चाहती है कि मोदी जी के मित्रों को राहत मिल जाए और विपक्ष चुप रहे।
बता दें कि हाल ही में शराब नीति को लेकर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर पर सीबीआई ने छापेमारी की थी। मनीष सिसोदिया ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा था कि यह भाजपा की केंद्र सरकार के इशारे पर ये हुआ है, भाजपा अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता से घबरा गई है।
यह है मामला
दरअसल एलजी ने दिल्ली के सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। 8 जुलाई को यह रिपोर्ट भेजी गई थी। जिसमें पिछले साल लागू की गई आबकारी नीति पर सवाल उठाए गए थे। जिसमें आबकारी नीति (2021-22) बनाने और उसे लागू करने में लापरवाही बरतने के साथ ही नियमों की अनदेखी और नीति के कार्यान्वयन में गंभीर चूक के आरोप हैं। इसमें अन्य बातों के साथ-साथ निविदा को अंतिम रूप देने में अनियमितताएं और चुनिंदा विक्रेताओं को टेंडर के बाद लाभ पहुंचाना भी शामिल है। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि शराब बेचने की वालों की लाइसेंस फीस माफ करने से सरकार को 144 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आबकारी मंत्री के तौर पर मनीष सिसोदिया ने इन प्रावधानों की अनदेखी की है।
एलजी ने पूर्व आबकारी आयुक्त समेत 11 अधिकारियों को किया निलंबित
इससे पहले दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना ने 7 अगस्त को आबकारी नीति में भ्रष्टाचार और नीति लागू करने में बरती गई अनियमितताओं के आरोप में 11 अधिकारियों को निलंबित कर दिया। एलजी ने सतर्कता निदेशालय (डीओवी) की जांच रिपोर्ट को आधार बनाकर कार्रवाई की। उन्होंने पूर्व आबकारी आयुक्त आरव गोपी कृष्ण (आईएएस) और तत्कालीन उपायुक्त आनंद कुमार तिवारी (दानिक्स) समेत सभी आरोपियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की विजिलेंस को मंजूरी भी दी।