वहीं अस्पताल पहुंचे एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि जांच में एक व्यक्ति से रंजिश की बात सामने आ रही है। पीड़िता के पति ने कविनगर थाना क्षेत्र के ही रहने वाले राहुल गर्ग नाम के व्यक्ति को नामजद कर दो अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पीड़िता के पति के मुताबिक राहुल का उनसे पहले विवाद भी हुआ था। 30 जुलाई को राहुल उनके घर पहुंचा और पीड़िता को धमकाया था। उसने चेतावनी दी थी कि अगर वह उसके साथ नहीं रहेगी तो फिर किसी के भी साथ नहीं रहेगी।
हालांकि पीड़िता ने पुलिस से इसकी शिकायत नहीं की थी। उन्होंने बताया कि पुलिस अवैध संबंधों के एंगल पर भी जांच कर रही है। इसके अलावा भी कुछ अहम सुराग मिले हैं।
तेजाब से हमला करने वाले आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। पुलिस सभी की कॉल डिटेल खंगाल रही है। पीड़ित परिजनों की शिकायत पर 326 ए में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जब युवकों ने महिला पर तेजाब फेंका तो आसपास काफी संख्या में लोग थे, लेकिन कोई भी मदद के लिए नहीं आया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करीब सात से आठ मिनट तक पीड़िता सड़क पर पड़ी तड़पती रही। इसके बाद अनुज नाम का एक युवक आया।
उसने मदद की। वह दौड़कर दूध लाया और महिला के शरीर पर डाला। इसी दौरान आशीष नाम का ऑटो चालक पहुंचा और उसने महिला को ऑटो में राजनगर स्थित निजी अस्पताल पहुंचाया।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो तेजाब फेंकने से पहले बाइक सवार दोनों युवकों ने महिला को रोककर कुछ कहासुनी भी की। दोनों ने अपने हेलमेट भी उतारे थे। अचानक तेजाब गिरने से महिला भागी, लेकिन कुछ ही दूरी पर गिर गई।
20 मार्च 2018 को मोहन नगर चौराहे के पास बाइक सवार दो युवकों ने ऑटो सवार एक बैंककर्मी साहिबाबाद निवासी युवती पर एसिड फेंक दिया था। एसिड से युवती समेत ऑटो में सवार छह लोग झुलस गए थे। उन्हें पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जहां से युवती की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने दिल्ली सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। जबकि प्राथमिक उपचार के बाद पांचों को छुट्टी दे दी गई थी।
बाइक सवार दो युवकों ने जिस तरह से आसानी से एसिड से अटैक किया है उससे पुलिस प्रशासन पर की सतर्कता पर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार बढ़ रहे एसिड अटैक के मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एसिड की गली मोहल्लों और दुकानों पर बिक्री पर रोक लगा दी थी। दोनों युवकों को कहां से एसिड मिला इस पर सवाल उठ रहे हैं।