पूर्वी दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के स्वामी दयानंद अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बड़ा और कठिन ऑपरेशन कर छह महीने से बिस्तर पर पड़ी 60 साल की बुजुर्ग महिला को नया जीवन दिया है। बेहद गरीबी, शारीरिक कमजोरी और फेफड़ों की गंभीर बीमारी के कारण यह केस काफी जोखिम भरा था लेकिन निगम अस्पताल की मेडिकल टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया और महिला का कूल्हा बदलकर (टोटल हिप रिप्लेसमेंट) उन्हें फिर से पैरों पर खड़ा कर दिया।
मूल रूप से बिहार की रहने वाली महिला का होली के दिन पैर फिसल गया था, जिससे उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। घर में पैसे न होने के कारण परिवार वाले उन्हें किसी बड़े अस्पताल नहीं ले जा सके और राहत पाने के लिए एक लोकल पहलवान से देसी इलाज और मालिश करवाते रहे। महीनों बीत जाने के बाद भी जब हड्डी नहीं जुड़ी और दर्द बढ़ता ही गया, तब जाकर परिवार वाले उन्हें स्वामी दयानंद अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल के आर्थोपेडिक्स विभाग के हेड डॉ. गौरव शर्मा ने बताया कि इलाज में काफी देरी हो चुकी थी और महिला बेहद कमजोर थीं। साथ ही फेफड़ों की बीमारी के चलते उन्हें बेहोश करके इतना बड़ा ऑपरेशन करना बेहद खतरनाक था। इस वजह से डॉक्टरों की टीम ने पहले करीब तीन हफ्ते तक उन्हें भर्ती रखकर दवाइयों से ऑपरेशन के लायक बनाया। इसके बाद डॉक्टरों ने पूरी सावधानी के साथ कूल्हा बदलने का बड़ा ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया। लगभग एक महीने तक अस्पताल में देखभाल के बाद अब महिला पूरी तरह ठीक हो रही हैं।