संकरी गलियों में भारी जाम से बाधित हुईं राहत गाड़ियां
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। चार मंजिला इमारत ढहने की घटना के पीछे स्थानीय निवासी मंगलवार रात आए भूकंप के झटकों को मुख्य वजह बता रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भूकंप के तेज झटकों के बाद जर्जर इमारत में अचानक गहरी दरारें पड़ गई थीं। खतरे को देखते हुए मकान मालिक इमारत खाली करवाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन लोगों के सुरक्षित स्थान पर पहुंचने से पहले ही बुधवार दोपहर पूरी इमारत भरभराकर ढह गई। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि हादसे की वास्तविक वजह विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
महज 25 वर्ग गज के छोटे से प्लॉट पर बनी इस बहुमंजिला इमारत में रहने वाले ज्यादातर परिवार कचरा और प्लास्टिक बीनकर गुजर-बसर करते हैं। इमारत गिरते ही तेज धमाके के साथ भारी मलबा आसपास फैल गया। हादसे में पड़ोसी दो मकानों की दीवारें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि पास स्थित मस्जिद की चारदीवारी भी मलबे की चपेट में आने से ढह गई।
हादसे के बाद लगा भीषण जाम
इमारत गिरने के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। संकरी गलियों के कारण एनडीआरएफ, दमकल, पुलिस और एमसीडी की राहत-बचाव टीमों को मौके तक पहुंचने और अभियान चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हादसे के चलते सीमापुरी गोलचक्कर से डीएलएफ भोपुरा और आसपास के प्रमुख मार्गों पर भीषण जाम लग गया। आपातकालीन वाहनों, दमकल की गाड़ियों और एंबुलेंस की आवाजाही सुचारु रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने मोर्चा संभाला। पुलिसकर्मियों ने लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की अपील करते हुए सड़कों को खाली कराया, ताकि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रह सके।