रघुवीर नगर निवासी आरोपी गौतम (21) ने पूछताछ में बताया है कि उसने मार्च महीने में परिवारों की सहमति के बिना मान्या से शादी कर ली थी। लेकिन कोई काम नहीं करने की वजह से दोनों अपने-अपने घर में रह रहे थे। दोनों बाहर एक दूसरे से मिलते थे। इस दौरान मान्या साथ रहने के लिए दबाव बनाने लगी। रविवार रात दोनों इसी मामले पर बातचीत करने के लिए तीतारपुर में मिले। जहां कहासुनी होने पर आरोपी ने चाकू से उसका गला रेत दिया।
पश्चिमी जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविवार देर रात 1:20 बजे ख्याला थाने में तैनात हवलदार अजय ने पुलिस को बताया कि उन्होंने एक व्यक्ति को पकड़ा है, जो बिना शर्ट के संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहा था। सूचना मिलते ही राजौरी गार्डन थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी युवक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसने अपनी पत्नी की कार में हत्या कर दी है और शव को कार में छोड़कर भाग रहा था। पुलिस ने शिवाजी कॉलेज के पास खड़ी उसकी कार की जांच की, जिसमें मान्या का लहूलुहान शव पड़ा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उसके बयान की पुष्टि कर रही है।
अगवा कर जबरन की शादी
पीड़ित परिवार के वकील आशुतोष पांडे ने बताया कि दोनों के शादी करने की जानकारी पीड़ित परिवार को नहीं है। मार्च माह में आरोपी ने पीड़िता को अगवा कर लिया था। आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता के साथ बदसलूकी की और फिर मामले से बचने के लिए उसने जबरदस्ती शादी कर ली। आशुतोष पांडे ने बताया कि मान्या के परिवार में पिता राजू, उसकी मां, दो भाई और तीन बहनें हैं। उसके पिता टेंपो चलाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च माह में पीड़िता के गायब होने के बाद उसके परिवार वालों ने इसकी ख्याला थाने में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था। फिर पीड़िता के वापस आने के बाद पुलिस ने उसके बयान पर आरोपी को नाबालिग बताकर पॉक्सो का मामला दर्ज कर लिया। परिवार वालों ने अदालत में इस बात की शिकायत की। जिसके बाद आरोपी ने 16 मई को पश्चिम विहार ईस्ट इलाके में पीड़िता पर चाकू से वार कर उसे बुरी तरह से घायल कर दिया। उसका एम्स में इलाज चला। आरोप है कि पश्चिम विहार थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बजाए उसका चालान कर दिया। उसके बाद परिवार वालों ने आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में कार्रवाई को लेकर अदालत में गुहार लगाई थी। सात सितंबर को अदालत में इस मामले में सुनवाई होनी थी।
पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
वकील ने बताया कि आरोपी का परिवार लगातार पुलिस की मदद से पीड़ित पक्ष को परेशान कर रहा था। परिवार ने उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद ही वह मान्या के शव का पोस्टमार्टम करवाएंगे। पीड़ित परिवार सोमवार को पुलिस मुख्यालय पहुंचा और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आला अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें जिला पुलिस उपायुक्त के पास भेज दिया है।