दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 138 नए केस, दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों को किया अलर्ट मोड पर
24 घंटे डॉक्टर और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रहेगी, बच्चों-बुजुर्गों पर विशेष नजर रखने के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सभी सरकारी अस्पतालों के मेडिकल डायरेक्टर और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट संग की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में बुधवार को एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के 138 नए मामले सामने आए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों के इमरजेंसी विभाग में समर्पित फ्लू कॉर्नर बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कम से कम पांच आइसोलेशन बेड रखने के निर्देश जारी किए हैं। अस्पतालों को फ्लू से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर किया गया है। दिल्ली में कुल एच1एन1 के मामलों की संख्या 2446 पहुंच गई है। बड़े अस्पतालों में इन्फ्लूएंजा और दूसरी संबंधित बीमारियों के मरीजों के लिए 10 या उससे अधिक आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को सभी सरकारी अस्पतालों के मेडिकल डायरेक्टर और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के साथ वर्चुअल बैठक की। अस्पतालों को इमरजेंसी, जांच, आइसोलेशन, दवाओं और 24 घंटे मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। लोगों को घबराने के बजाय सतर्क रहने की सलाह दी है। संदिग्ध मरीजों में लक्षण मिलने पर तुरंत जांच कराने और जरूरत के अनुसार स्वैब लेकर जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम और सैंपल लेने से जुड़े जरूरी सामान का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है। दिल्ली में अब तक इन्फ्लूएंजा-ए के कुल 3177 मामले दर्ज किए गए हैं।
24 घंटे डॉक्टर, दवाओं का पर्याप्त स्टॉक : अस्पतालों को शिफ्ट के हिसाब से ड्यूटी रोस्टर तैयार करने और डॉक्टरों तथा मेडिकल स्टाफ की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। इमरजेंसी में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की तैनाती भी होगी। बैठक में मंत्री ने दवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अस्पतालों को जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और इसकी नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर दवाओं की खरीद करने को भी कहा गया है, ताकि मरीजों के इलाज में किसी तरह की रुकावट न आए।
घबराने की जरूरत नहीं है। अब तक अस्पतालों में आए ज्यादातर मरीजों में हल्का बुखार और सामान्य लक्षण मिले हैं और वे एक-दो दिन में ठीक हो गए। सरकार ने अस्पतालों में बेड, जांच, दवाओं और इमरजेंसी सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की है।
डॉ. पंकज कुमार सिंह, स्वास्थ्य मंत्री