दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की तर्ज पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने संपत्ति डी-सील कराने के लिए शुल्क तय कर दिया है। इसके लिए रिहायशी और व्यावसायिक संपत्तियों को डी-सील कराने के लिए 25 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक का शुल्क देना पड़ेगा। स्थायी समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई है।
दरअसल, उत्तरी दिल्ली नगर निगम में पहले संपत्ति को डी- सील करने का कोई शुल्क नहीं लिया जाता था, लेकिन इससे निगम को राजस्व की प्राप्ति नहीं हो रही थी। वहीं, आर्थिक मंदी से जूझ रहे निगम ने संपत्तियों को डी-सील करने से अपनी हालत को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
इसके तहत रिहायशी और व्यावसायिक संपत्तियों को अलग-अलग श्रेणी में बांटकर उनका शुल्क भी तय किया गया है। इसके तहत पहली बार डी-सील कराने पर शुल्क को तय करने के साथ दूसरी बार डी-सील कराने पर दोगुना शुल्क कर दिया है। हालांकि, इनमें ई ,एफ, जी व एच श्रेणी की रिहायशी 100 वर्ग मीटर तक की संपत्तियों को कोई शुल्क नहीं देना होगा।