बिजली की चोरी की तो खैर नहीं। बिजली कंपनियां इन दिनों सजग हो गई हैं। एक मामले में बिजली चोरी के दोषी उपभोक्ता को अदालत ने छह महीने की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 2.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला टाटा पावर के उपभोक्ता बंगेरा, नरेला के निवासी से जुड़ा है।
रोहिणी स्थित विद्युत अदालत ने उपभोक्ता मनोज कुमार को बिजली चोरी का दोषी पाया। अदालत ने उपभोक्ता से 2,20,486 रुपये जुर्माने वसूली की मंजूरी टाटा पावर-डीडीएल को प्रदान की है। अदालत ने भविष्य में लोगों को इस प्रकार की गैर-कानूनी गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी देने के मकसद से कठोर सजा दी। बिजली बुनियादी जरूरत है और इसकी लगातार सप्लाई बनाए रखना जरूरी है।
अदालत के इस आदेश पर टाटा पावर के सीईओ गणेश श्रीनिवासन ने बताया कि बिजली चोरी की घटनाओं से भारी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बिजली चोरी की संभावना वाले इलाकों में एटी एंड सी (एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल) घाटों को कम करने पर कंपनी खासतौर से ध्यान देती है।