महिलाओं के सुरक्षित सफर के लिए जिला प्रशासन व परिवहन विभाग कई योजनाएं बना रहा है। इनमें ऑटो पर एक कॉमन नंबर पेंट कराने की भी योजना है। ताकि घटना के दौरान यात्री इस पर संपर्क कर सके।
इससे अवैध ऑटो चालकों पर भी लगाम लग सकेगी। एआरटीओ रचना यदुवंशी ने बताया कि नोएडा पुलिस ऑटो चालकों की स्क्रीनिंग पर काम कर रही है।
कॉमन नंबर पेंट कराए जाने की भी योजना है। इससे किसी अनहोनी के दौरान पीड़ित उक्त नंबर पर कॉल कर सहायता मांग सकता है। इस नंबर पर एक कर्मचारी 24 घंटे मुस्तैदी से ड्यूटी करेगा ताकि कॉल आने पर उचित सहायता की जा सके।
जिला प्रशासन के साथ परिवहन विभाग के मंथन में एक मोबाइल ऐप पर भी बातचीत हुई। इस ऐप के माध्यम से अवैध ऑटो पर शिकंजा कसने के लिए उपाय किए जाने पर बात हुई।
परिवहन विभाग ने ऑटो चालकों के डीएल बनवाने के लिए एक हेल्प डेस्क शुरू करने की योजना बनाई है। इस डेस्क के कर्मचारियों के लिए विभाग ने गाइडलाइंस जारी की हैं।
इसमें बताया गया कि किन शर्तों पर डीएल बनवाने का काम करना है। एआरटीओ रचना का कहना है कि बिना दस्तावेज लाइसेंस नहीं बनाए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक कागजात अनिवार्य होंगे। पुलिस वैरिफिकेशन के बाद ही चालकों को स्थायी लाइसेंस दिए जाएंगे।