कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए दिल्ली में रिकॉर्ड स्तर पर जांच हो रही है। महज 20 दिन में ही 9 लाख से ज्यादा लोगों की जांच की गईं। इनमें 70 हजार से ज्यादा संक्रमित मिले हैं। पहले इतनी जांच होने में साढ़े चार महीने का समय लगा था। अब तक कुल 25 लाख से ज्यादा जांच की जा चुकी है।
दिल्ली सरकार ने इस माह जांच क्षमता पांच गुना बढ़ा दी है। इसके लिए सरकार ने कई कदम उठाए। इसमें सबसे पहले सभी डिस्पेंसरी पर निशुल्क जांच शुरू की गई। सभी जिला प्रशासन को आदेश दिया गया कि वे अपने क्षेत्र में शिविर लगाकर व्यापक स्तर पर जांच करें। सार्वजनिक स्थानों पर भी एंटीजन किट के माध्यम से टेस्ट शुरू हुए। कंटेनमेेंट जोन में रहने वाले लोगों की जांच की गई। इन इलाकों मेें संक्रमितों के संपर्क में आए सभी लोगों की जांच की गईं। पहले प्रतिदिन औसतन 15 हजार जांच की जा रही थीं और अब आंकड़ा 60 हजार है।
सरकार के मुताबिक, दिल्ली में 10 लाख की आबादी पर प्रतिदिन 3 हजार से ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं। करीब 2 करोड़ की जनसंख्या में से 13 फीसदी से अधिक लोगों की जांच कि जा चुकी है। 20 दिन में हुई कुल 9,23,506 जांच में से 75 फीसदी से अधिक एंटीजन प्रणाली से की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस जांच में निगेटिव होने पर भी जिन लोगों में कोरोना के लक्षण हैैं उनकी आरटी-पीसीआर जांच की जा रही हैं।
कुछ दिन और बढ़ेंगे मामले
इन 20 दिनों में 70,151 लोग संक्रमित मिले। एक सप्ताह में संक्रमण दर 10 फीसदी से कम होकर 6.57 हो गई है। सरकार का कहना है कि जांच बढ़ाने से ही संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। दैनिक मामले कुछ दिनों तक बढ़ेंगे, उसके बाद कमी आने लगेगी। कोरोना के केस कम करने के लिए सरकार ने कंटेनमेंट जोन के बाहर भी अधिक जोखिम वाले सभी लोगों की जांच करने का निर्णय लिया है।
ये है स्थिति
तारीख जांच
अगस्त
31 14,150
सितंबर
02 28,400
04 36,179
06 36,219
08 45,046
10 50,240
12 60,076
16 62,593
18 61,037
19 61,973
नोट : आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं।