चिड़ियाघर में काफी समय से खाली पड़े वन्यजीवों के बाड़े भरे जाएंगे। इसके लिए 10 प्रजातियों के वन्यजीवों को लाने की तैयारी की जा रही है। इसमें चिंकारा, शुतुरमुर्ग से लेकर गैंडा और जेब्रा तक शामिल हैं। चिड़ियाघर के निदेशक रमेश कुमार पांडे के मुताबिक, पंजाब के छतबीड़ चिड़ियाघर से चिंकारा को लाए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही दो पक्षियों के जोड़ों को भी लाया जाएगा।
वहीं, कानपुर के चिड़ियाघर से शुतुरमुर्ग और यूपी के एक अन्य चिड़ियाघर से बाघिन व पटना से गैंडा को लाने की तैयारी की जा रही है। पांडे ने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया है। वर्तमान में चिड़ियाघर में दो मादा गैंडा है जबकि पटना के चिड़ियाघर में करीब 12 गैंडा हैं।
पांडे ने बताया कि इसके अलावा लखनऊ के चिड़ियाघर से घड़ियाल और मद्रास क्रोकोडाइल बैंक ट्रस्ट से मगरमच्छ को लाने की योजना है। उन्होंने बताया कि चिड़ियाघर में काफी समय से जेब्रा की भी कमी है इसको देखते हुए जेब्रा के संबंध में भी कई चिड़ियाघर प्रशासन को लिखा जा रहा है।
मृत्यु दर में 50 प्रतिशत की गिरावट
दिल्ली के चिड़ियाघर में इस वर्ष वन्यजीवों की मृत्यु दर में 50 फ़ीसदी तक की कमी आई है। पिछले वर्ष की पहली तिमाही में चिड़ियाघर में करीब 60 से अधिक वन्यजीवों की मौत हुई थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा 35 के करीब है। चिड़ियाघर के निदेशक रमेश कुमार पांडे के अनुसार, पिछले एक वर्ष में वन्यजीवों की मृत्यु दर में कमी पाई गई है। यही वजह है कि चिड़ियाघर में हिरण, सांभर, चीतल समेत अन्य वन्यजीवों की संख्या भी पिछले एक वर्ष में बढ़ी है।
पांडेय के मुताबिक, चिड़ियाघर में वन्यजीवों की मृत्युदर कम होने के पीछे जीवों का रखरखाव व उनका खानपान शामिल है। इसके अलावा प्रत्येक वन्यजीव पर विशेष निगरानी भी की जा रही है साथ ही वन्यजीवों को अधिक से अधिक शारीरिक गतिविधियों में शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा बेहतर देखभाल के लिए वैज्ञानिकों से भी मदद ली जा रही है। पांडे ने बताया कि इस समय चिड़ियाघर में एक हजार से भी अधिक 83 प्रजातियों के वन्यजीव हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष चिड़ियाघर में वन्यजीवों की मौत पर कोर्ट ने निदेशक से जवाब तलब किया था।
विश्व गैंडा दिवस कल
चिड़ियाघर में 22 सितंबर को विश्व गैंडा दिवस मनाए जाने की तैयारी है। इसके लिए पहली से लेकर कॉलेज तक के छात्र ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। इसकी थीम गैंडा और उनकी आदत पर रखी गई है।