मानवता की सेवा को ध्यान में रख दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरुद्वारे और अपने शिक्षण संस्थानों में स्थित यात्री निवास को कोविड केयर केंद्र के रूप में स्थापित करने का फैसला लिया है। दिल्ली के गुरुद्वारों के परिसर में 850 बेड वाले कोरोना केयर केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। इसमें कम बुखार, गला खराब व अन्य लक्ष्णों वाले कोरोना मरीजो का इलाज किया जाएगा।
गरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इस फैसले से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी अवगत करा दिया गया है। प्रबंधक कमेटी ने एक पत्र के माध्यम से सूचित किया है जिसमें सरकार से अपील की गई है कि जरूरतमंद मरीजों को जल्दी से जल्दी राहत पहुंचाने के लिए दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के कोरोना केन्द्र चलाने की अनुमति दें।
सिरसा ने बताया कि यह केंद्र सर्वोत्तम मेडिकल देख-रेख, ऑक्सीजन व प्रयोगशाला सेवाएं प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने यह कदम राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना मरीजों में निरंतर हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए उठाया है। मरीजों के लिए सुबह का नाश्ता, दिन का पूरा भोजन, पीने के लिए पानी, आम दवाइयां, ऑक्सीजन व प्रयोगशाला सहूलियतें उपलब्ध कराई जाएंगी।
कमेटी ने गुरुद्वारा नानक प्याऊ में 200 बेड का केन्द्र, गुरु हरिकृष्ण यात्री निवास, गुरुद्वारा बंगला साहिब में 235 बेड के केन्द्र, गुरु अर्जन देव यात्री निवास गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में 60 बेड, गुरु हरिगोबिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमैंट एंड इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी में 115 बेड, गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल हरि नगर में 100 बेड, गुरुद्वारा दमदमा साहिब में 40 बेड, गुरु तेग बहादुर पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट में 50 बेड और गुरु नानक सुखशाला में 50 बेड वाला कोरोना केयर केन्द्र स्थापित करने का फैसला किया है।