घाट से कई टन कचरा, टूटी मूर्तियां और पूजा सामग्री निकाली, स्वच्छ यमुना का लिया संकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। सिग्नेचर ब्रिज के पास यमुना घाट पर रविवार को बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया। स्वस्ति दास सेवा संस्थान एसडीएसएस, रिवर क्लीनअप और यमुना संसद की ओर से आयोजित अभियान में दिल्ली के विभिन्न कॉलेजों, संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से जुड़े 800 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। सुबह सात बजे शुरू हुआ अभियान दोपहर तक चला।
सफाई के दौरान युवाओं ने घाट से कई टन कचरा निकाला। इसमें सिंगल यूज प्लास्टिक, कपड़े, कांच की बोतलें, जूते-चप्पल और अन्य सामान शामिल थे। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में टूटी मूर्तियां, फूल-मालाएं और पूजा सामग्री भी मिली।
आयोजकों ने कहा कि यमुना की सफाई के लिए केवल प्रशासन के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। नदी और उसके आसपास कचरा न डालना नागरिकों की भी जिम्मेदारी है। खासकर पूजा सामग्री और मूर्तियों के निस्तारण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने की जरूरत है।
रिवर क्लीनअप के अभिषेक कुमार पटेल ने कहा कि यमुना हमारी संस्कृति का हिस्सा है और इसे कूड़ेदान की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। यमुना संसद के रवि शंकर तिवारी ने भी नागरिकों से नदी को स्वच्छ रखने में सहयोग की अपील की। अभियान के अंत में युवाओं ने यमुना और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।