गर्मी की तपिश के बाद अब बिजली का बिल पसीना छुड़ाने को तैयार है। दिल्ली में बिजली के दामों में बढ़ोतरी होने जा रही है। नई दर एक मई से तीन महीने के लिए लागू रहेगी। इसके बाद दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) बिजली कंपनियों की याचिका के हिसाब से बिजली की कीमतें तय करेगा। हालिया बढ़ोत्तरी पॉवर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (पीपीएसी) के तहत की गई है। बिजली बिल बढ़ने से राजनीति भी गरम है। भाजपा ने इसके लिए दिल्ली सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, सरकार ने कहा है कि इस तरह की कोई वृद्धि नहीं हुई है।
|
मई से जुलाई |
बीआरपीएल |
टीपीडीडीएल |
बीवाईपीएल |
एनडीएमसी |
| पीपीएसी बकाया | 27.08 फीसदी | 31.60 फीसदी | 29.12 फीसदी | 30 फीसदी |
| अतिरिक्त | 8.75 फीसदी | 6.15 फीसदी | 8.75 फीसदी | 8.75 फीसदी |
| कुल | 35.83 फीसदी | 37.75 फीसदी | 37.88 फीसदी | 38.75 फीसदी |
बिजली इस्तेमाल करने के लिए अभी तक उपभोक्ता बीआरपीएल के उपभोक्ता 27.08 फीसदी पीपीएसी दे रहे थे। अब इसमें 8.75 फीसदी अतिरिक्त जुड़ जाएगा। इस तरह से कुल बिजली बिल पर 35.83 फीसदी अधिक राशि उपभोक्ताओं को देनी होगी। इसी तरह अन्य बिजली कंपनियों से बिजली ले रहे उपभोक्ताओं को भी 6.15 फीसदी से 8.75 फीसदी तक अधिक बिल चुकाना होगा। इसमें एनडीएमसी इलाके में रहने वाले लोगों पर अधिक भार पड़ेगा। क्योंकि वे अभी तक कुल बिजली बिल पर 30 फीसदी दर से बिल जमा कर रहे थे अब इसमें 8.75 फीसदी का इजाफा हो जाएगा। इस इलाके में कुल पीपीएसी 38.75 फीसदी देना होगा।