स्टूडेंट से ट्रांसपोर्ट चार्ज वसूलना डीपीएसजी प्रबंधन के गले की फांस बन गया है। आरटीओ ने डीपीएसजी की बसों के परमिट कैंसिल करने की दिशा में एक कदम और बढ़ा दिया है।
शनिवार को अंतिम नोटिस का रिमाइंडर जारी कर कालेज प्रबंधन को रिसीव करा दिया गया है। इसकी फाइल डीएम को भेज दी गई है। आरटीए की बैठक में डीपीएसजी की 65 बसों का परमिट कैंसिल करने की कार्रवाई पर मुहर लग जाएगी।
पैरेंट्स के ट्रांसपोर्ट चार्ज वसूलने के साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद आरटीओ ने परमिट कैंसिल करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसका उत्तर न देने पर शनिवार को इसका रिमाइंडर जारी कर दिया गया। आरटीओ कर्मियों ने कालेज प्रबंधन को नोटिस खुद रिसीव कराया है।
इसकी पत्रावली डीएम को भेज दी गई है। शुरुआती कार्रवाई की जद में स्कूल की करीब 65 बसें आ रही हैं। डीएम की संस्तुति के बाद इस मामले को आरटीए की बैठक में कमिश्नर के सामने रखा जाएगा। बैठक में ही बसों के परमिट कैंसिल करने पर अंतिम मुहर लगेगी।
आरटीओ मयंक ज्योति ने बताया कि ट्रांसपोर्ट चार्ज वसूलने पर परमिट कैंसिल करने का आदेश भी आरटीए का ही है। इनको कैंसिल भी उनको ही करना है।
ऐसे में बसों केपरमिट बचने का कोई कारण नहीं है। जिन आरटीओ आरके उपाध्याय के हस्ताक्षर से यह आदेश जारी हुए थे, वही अब परिवहन उपायुक्त मेरठ भी हैं।