नगर निगम की लापरवाही से मच्छर लोगों का खून चूस रहे हैं और 64 लाख की फॉगिंग मशीनें भी बेकार पड़ी हैं।
निगम के स्वास्थ्य विभाग ने 13वें वित्त आयोग के फंड से 80 छोटी फॉगिंग मशीनें खरीदी हैं, लेकिन दवा न खरीद पाने की वजह से यह मशीनें अभी तक चालू नहीं हो पाई हैं।
हर साल 15 अप्रैल से नगर निगम फॉगिंग अभियान शुरू करता था। इस बार आचार संहिता की वजह से निगम अफसर दवा नहीं खरीद पाए।
दरअसल, आचार संहिता के दौरान टेंडर जारी करने से अफसर डरते रहे। बाद में एक्सपर्ट की राय ली तो पता चला कि विशेष जरूरतों को पूरा करने के लिए टेंडर जारी किए जा सकते हैं।
अब निगम अफसरों ने फॉगिंग की दवा (मैलाथियान) खरीदने की प्रक्रिया शुरू की। निगम ने एक मई से फॉगिंग कराने का दावा किया, लेकिन अभी भी निगम में दवा नहीं पहुंची।
मच्छरों के आतंक से परेशान
फागिंग शुरू न होने से लोग मच्छरों के आतंक से परेशान है। निगम के कंट्रोल रूम में प्रतिदिन 15 से 20 शिकायतें मच्छरों की पहुंच रही हैं।