नोएडा-ग्रेनो मेट्रो रूट पर यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए हर स्टेशन पर दो-दो एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) बनाए जाएंगे। इन्हें चढ़ने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, भीड़ अधिक हुई तो इन्हें रिसर्व भी चलाया जा सकता है।
ग्रेटर नोएडा मेट्रो रूट के 29.139 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में 21 एलिवेटेड स्टेशन हैं, जिन पर 44 प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। इनके निर्माण पर करीब 102 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए बनने वाले एस्केलेटर पर करीब 63.88 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) ने इनकी मैन्यूफेक्चरिंग के लिए कंपनी की तलाश शुरू कर दी है, जिसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। मेट्रो कॉरिडोर के हर स्टेशन पर लिफ्ट की भी व्यवस्था होगी। इसके लिए भी टेंडर जारी कर दिए गए हैं। करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन और डिपो के स्टाफ क्वार्टर में लिफ्ट लगाई जाएंगी। इसके टेंडर भी जारी हो चुके हैं।
निर्माण कार्य को रफ्तार देते हुए डीएमआरसी ने इस कॉरिडोर पर सेक्टर-143 और सेक्टर-71 के मेट्रो स्टेशन का आधार रख दिया गया है। स्टेशन बनाने के लिए हवन पूजन कर गार्डर लगा दिया गया है। कॉरिडोर का 23-24 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो गया है।
ग्रेटर नोएडा मेट्रो के कर्मचारियों के लिए डिपो स्टेशन में बनने वाले स्टाफ क्वार्टर का काम भी तेज हो गया है। ये रिहायशी टावर 13 मंजिल का होगा। इनमें टाइप-2 के 96, टाइप-3 के 176 और टाइप-4 के चार क्वार्टर समेत कुल 276 स्टाफ क्वार्टर बनाए जाएंगे। इनके निर्माण पर 54 करोड़ रुपये खर्च होंगे।