विपक्ष को अनदेखा करने की कोशिश
शपथ ग्रहण के बाद सदस्य विधानसभा अध्यक्ष, विपक्ष के नेताओं से हाथ मिलाने की परंपरा रही है। लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को छोड़ दें तो अनदेखी की कोशिश की गई। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विपक्ष के विधायकों की तरफ देखा भी नहीं।
मंत्री गोपाल राय वहां तक जा नहीं सके तो जितेन्द्र तोमर व असीम अहमद खान ने भी हाथ मिलाकर बधाई लेना मुनासिब नहीं समझा। हालांकि सत्येन्द्र जैन और संदीप कुमार ने हाथ जरूर मिलाया। इस बीच उपराज्यपाल दीर्घा में बैठे आप के पंजाब से सांसद भगवंत मान से मंत्री व ज्यादातर विधायकों ने हाथ मिलाया।
एक ही साथ बैठे थे आप के तीन पूर्व मंत्री
आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार में मंत्री रहे सोमनाथ भारती, सौरभ भारद्वाज और राखी बिड़लान इस बार मंत्री नहीं है। लेकिन अगली पंक्ति में ही तीनों एक साथ बैठे। बाहर जब बतौर विधायक शपथ लेने का अनुभव पूछा गया तो राखी बिड़लान ने कहा कि कोई फर्क नहीं। अरविंद केजरीवाल ने शपथ वाले दिन मंच से कहा है कि मंत्री या मुख्यमंत्री वो नहीं बल्कि सभी विधायक व जनता मुख्यमंत्री व मंत्री हैं।