कोरोना नियमों का उल्लंघन करने पर पूर्वी दिल्ली की लक्ष्मी नगर और उसके आस-पास में लगने वाली पांच अन्य बाजारों जिनमें मंगल बाजार, विजय चौक, सुभाष चौक, जगत राम पार्क और रविदास नगर बाजार को 5 जुलाई तक बंद कर दिया गया है। पूर्वी दिल्ली जिला प्रशासन ने इन बाजारों को बंद करने का आदेश दिया है। प्रशासन ने पुलिस को सख्ती के साथ उनके आदेश का पालन कराने के लिए कहा है। इस दौरान बाजार में केवल आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहेंगी।
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष सोनिका सिंह की ओर से मंगलवार को जारी आदेश में कहा गया कि लक्ष्मी नगर मुख्य बाजार में पिछले रविवार को अत्याधिक भीड़ थी। मार्केट एसोसिएशन और विक्रेता आम जनता से कोविड के नियमों का अच्छे से पालन नहीं करा पाए। लक्ष्मी नगर मुख्य बाजार में उमड़ी भीड़ तेजी से कोरोना संक्रमण का कारण बन सकती है।
बाजार एसोसिएशन के लोग भीड़ को नियंत्रित नहीं कर पाए, इसलिए प्रशासन को आगे बढ़कर कड़ाई से बाजार बंद करने का निर्णय लेना पड़ा। डीडीएमए ने पूर्वी दिल्ली पुलिस उपायुक्त को हिदायत दी है कि वह बाजार बंद कराने के आदेश का सख्ती से पालन कराएं। पूर्वी दिल्ली नगर निगम को आदेश दिया है कि वह लक्ष्मी नगर मुख्य बाजार और बाकी बाजारों में गंभीरता से सैनिटाइजेशन कराएं। मार्केट एसोसिएशन को भी प्रशासन का सहयोग देने के लिए कहा है।
पुलिस और सिविल डिफेंस के जवान बाजार में तैनात
लक्ष्मी नगर बाजार के विक्रेताओं का कहना है कि बाजार बंद करने से पहले प्रशासन ने उनकी राय नहीं ली। उनका धंधा पहले से ही चौपट हो चुका है, प्रशासन ने इस बारे में बिना सोचे फिर से बाजार बंद करा दिया। बृहस्पतिवार को सुबह लक्ष्मीनगर मुख्य बाजार में दिल्ली पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम दुकानों को बंद कराती नजर आई। इधर-उधर घूम रहे लोगों को भी हटा दिया गया। प्रशासन कोरोना की तीसरी लहर के प्रति गंभीर है। चिकित्सा विभाग ने भी जल्द ही कोरोना की तीसरी लहर के आने की प्रबल संभावना जताई है। हालांकि प्रशासन को पूरी दिल्ली में इसी तरह की मुस्तैदी दिखाने की आवश्यकता है।
इन बाजारों में भीड़भाड़ को नियंत्रित करना चुनौती
प्रशासन को इसी तरह की मुस्तैदी दिल्ली के बाकी बड़े बाजारों के लिए भी दिखानी चाहिए। सदर बाजार, चांदनी चौक, सरोजनी मार्केट, करोल बाग जैसे दूसरे कई बड़े बाजारों में उमड़ रही भीड़ चिंता का विषय है। यहां मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों को प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।