इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनाने वाली चीन की पांच कंपनियां ग्रेटर नोएडा में अपनी उत्पादन इकाई लगाएंगी। विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण को पत्र सौंपकर और 100 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। ये कंपनियां करीब 800 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। इनसे हजारों की संख्या रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
प्राधिकरण अफसरों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा में चीन के साथ ही ताइवान और कोरिया की कंपनियां भी निवेश की इच्छुक हैं। बृहस्पतिवार को ग्रेटर नोएडा के सभागार में प्राधिकरण अफसरों के साथ चीन की कंपनी हॉलिटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधिमंडल ने बैठक की। उन्होंने बताया कि कंपनी अपनी चार उत्पादन इकाई पहले ही लगा चुकी है, जिसमें 400 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। ये कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनाती हैं। इनमें कैमरा, मोबाइल, स्क्रीन, फ्रिंगर प्रिंट, एफपीए आदि शामिल हैं।
कंपनी दूसरे चरण में अपनी पांच अन्य सहयोगी कंपनियां स्थापित करना चाहती हैं, जिससे 800 करोड़ रुपये का निवेश शहर में हो सकेगा। ये कंपनियां भी इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद से जुड़ी हैं। प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने बताया कि इनकी स्थापना के लिए करीब 100 एकड़ जमीन की जरूरत होगी।
प्राधिकरण अफसरों ने बैठक में चीनी प्रतिनिधिमंडल को प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति से अवगत कराया। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी के तहत दी जाने वाली छूट आदि की जानकारी दी। प्रदेश सरकार ऐसी कंपनियों को मेगा इंवेस्टमेंट छूट, स्टांप डयूटी से छूट, इलेक्ट्रॉनिक्स ड्यूटी छूट आदि की सुविधा मुहैया करा रही है।
प्राधिकरण और प्रदेश सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के उद्यमियों को शहर में बेहतर माहौल देने में जुटे हैं। बैठक में सीईओ नरेंद्र भूषण, एसीईओ दीपचंद समेत वित्त, नियोजन और परियोजना सभी विभागों के महाप्रबंधक शामिल हुए। चीनी प्रतिनिधिमंडल में हॉलिटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वैन ताइकून, दिग्विजय सिंह व एलेक्स लोयोजुन समेत अन्य शामिल थे।
विकसित किए जाएंगे चार नए सेक्टर
प्राधिकरण अफसरों ने बताया कि प्राधिकरण औद्योगिक विकास के लिए लैंड बैंक बनाने में जुटा है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की जा रही है और किसानों से सीधे जमीन खरीदी जा रही है। अगले कुछ वर्षों में प्राधिकरण के पास करीब 1500 एकड़ जमीन होगी। जहां चार नए औद्योगिक सेक्टर विकसित किए जाऐंगे।
तीन साल बाद ग्रेनो में बनेगा दुनिया की एक तिहाई स्मार्ट फोन
प्राधिकरण अफसरों का कहना है कि अगले तीन वर्षों में ग्रेटर नोएडा स्मार्ट फोन बनाने का बड़ा सेंटर बना जाएगा। दुनिया भर में बनाए जाने वाले कुल स्मार्टफोन का एक तिहाई का उत्पादन यहीं होगा। ग्रेनो के अलावा यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में भी कई मोबाइल कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रही हैं।