फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi NCR News: हर साल 9 करोड़ का पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं 40 हजार लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
- 5 हजार घरों में नहीं पहुंचा नलों का पानी, 1500 रुपये का टैंकर भी चलता है सिर्फ 15 दिन
विज्ञापन


रिजवान खान
नूंह। हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के सरकारी दावों के बीच जिले का ऐतिहासिक गांधी ग्राम घासेड़ा पिछले करीब 10 साल से पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहा है।
करीब 40 हजार की आबादी वाले इस गांव में हालात इतने गंभीर हैं कि लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए हर साल लगभग 9 करोड़ रुपये खर्च कर पानी खरीदना पड़ रहा है। संवाद में लोगों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि उन्होंने कई बार प्रशासन, जनस्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों के सामने समस्या रखी, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। आज भी गांव के अधिकांश घरों में सरकारी नलों से पानी नहीं पहुंच रहा। ग्रामीणों के अनुसार गांव में करीब 5 हजार घर हैं। लगभग हर घर में पानी का टैंक बना है, लेकिन इन टैंकों में सरकारी सप्लाई का पानी नहीं बल्कि टैंकरों से खरीदा गया पानी भरता है। एक टैंकर की कीमत 1500 रुपये है, जो मुश्किल से 15 दिन तक चलता है। ऐसे में एक परिवार सालभर में हजारों रुपये केवल पानी पर खर्च कर देता है। जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर है, वे पड़ोसियों या रिश्तेदारों से पानी मांगकर अपनी जरूरत पूरी करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

गांव में दो पानी के बूस्टर बने हुए है जो जर्जर अवस्था में है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जल संकट अब केवल सुविधा का नहीं, बल्कि सम्मान और अस्तित्व का सवाल बन चुका है। गर्मियों में स्थिति और भयावह हो जाती है। कई बार टैंकर समय पर नहीं पहुंचते, जिससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। संवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों ने एक स्वर में गांव के लिए स्थायी पेयजल योजना लागू करने की मांग उठाई और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें