दिल्ली में सभी राजनीतिक पार्टियों को धूल चटाते हुए आम आदमी पार्टी जिस तरह से सत्ता में आई थी उस वक्त लगा था कि अब कोई मजबूरी नहीं है कि वो अपने किए वादे पूरे न कर सकें।
लेकिन ऐसा लगता नहीं है। पिछले विधानसभा चुनाव और इस विधानसभा चुनाव में जिस वादे ने पार्टी को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी वह वादा पूरा होता फिल्हाल नहीं दिख रहा।
14 फरवरी को सीएम पद की शपथ लेने के बाद केजरीवाल ने अपने भाषण में दिल्ली की जनता से एक वादा किया था। जिसे पूरा करने के लिए उनकी सरकार ने आदेश भी पास किए थे। लेकिन उनका वही आदेश अब झूठा साबित होता दिख रहा है।