पूछताछ के दौरान आरोपी परवीन, पुनीत और सुमित ने खुलासा किया कि पहले वह उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाने का काम करते थे। इस कारण उन्हें आरआरयू लगाने व हटाने का अच्छा ज्ञान था। आरआरयू की ऊंची कीमत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग से भी अच्छी तरह वाकिफ थे। समय के साथ आरआरयू के कुछ रिसीवर उनके संपर्क में आए और उनके प्रलोभन पर उन्होंने आरआरयू को चुराना शुरू कर दिया।
पहले भी दर्ज हैं मामले
आरोपी पुनीत पहले भी आरआरयू चोरी के 4 मामलों में शामिल रहा है। आरोपी परवीन लोनी, गाजियाबाद के एक आरआरयू चोरी के मामले में शामिल रहा है। आरोपी सुमित दिल्ली में आरआरयू चोरी के दो मामलों में शामिल है। सुमित पत्नी के साथ गाजियाबाद के लोनी के आर्य नगर स्थित 60 फुटा रोड पर रहता है। वह टावर इंस्टालेशन कंपनियों में तकनीशियन के रूप में काम कर रहा था। गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित नेरा तकिए वाली मस्जिद के पास पठानान मोहल्ला निवासी सलमान भाइयों के साथ मुरादनगर में कबाड़ी है। उसे मोबाइल टावर उपकरणों की अच्छी जानकारी है।
ये है रेडियो रिमोट यूनिट
रेडियो रिमोट यूनिट (आरआरयू) मोबाइल सेवा प्रदाताओं के मोबाइल टावर में स्थापित उपकरण है और इसका उपयोग दूरसंचार में ट्रांसीवर के रूप में किया जाता है, जो मोबाइल सिग्नल के प्रसारण/प्राप्त करने के कार्य को जोड़ता है।
बरामद सामान
आरोपियों के कब्जे से 96 लाख रुपये के चार आरआरयू, हाईटेक हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर उपकरण, रस्सियां और अपराध में प्रयुक्त एक कार बरामद की गई है।
इतने मामले सुलझाए
दिल्ली 34
गुरुग्राम 02
फरीदाबाद 03
गाजियाबाद 01
नोएडा 06