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अनाज मंडी अग्निकांडः 3डी स्कैनर बताएगा कैसे लगी आग, दूसरी बार हो रहा इस तकनीक का इस्तेमाल

Mon, 09 Dec 2019 07:37 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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घटनास्थल की जांच थ्री डी लेजर स्केनिंग से करती फॉरेंसिक टीम - फोटो : अमर उजाला
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अनाज मंडी में चार मंजिला इमारत में कैसे आग लगी। आग लगने के बाद लोग बाहर क्यों नहीं निकल पाए और इमारत नियमों के अनुसार बनी है या नहीं? ऐसे तमाम सवालों के जवाब दिल्ली पुलिस को एक सप्ताह के भीतर मिलने की संभावना है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा घटनास्थल का 3 डी स्कैनर से स्कैनिंग करवा रही है। 

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अपराध शाखा और फोरेंसिक टीम सोमवार को जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंची। घटनास्थल व बिल्डिंग की 3 डी लेजर स्कैनिंग की गई। 3 डी लेजर इमेज एक्सपर्ट सुपर्ण वर्मा ने बताया कि यह यूएसए की तकनीक है। इस तकनीक का आग से हादसों के दौरान इस्तेमाल किया जाता है। जहां-जहां लेजर जाती है वहां की फोटो बन जाती है। 

आसान शब्दों में कहा जा सकता है कि 3 डी लेजर से आग के समय का दृश्य रीक्रिएट जैसा हो जाएगा। सबसे पहले 3 डी लेजर स्कैन का इस्तेमाल करोल बाग में अर्पिता होटल में लगी आग के दौरान किया गया था। वहां पर इस तकनीक से पता लगा था कि अर्पिता होटल की सीढ़ियां संकरी होने के कारण होटल में मौजूद लोग बाहर नहीं निकल पाए थे। 
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सुपर्णा वर्मा की देखरेख में 3 डी लेजर स्कैन से घटनास्थल, बिल्डिंग के सभी फलोर पर जाकर स्कैनिंग की गई। इस तकनीक का रिजल्ट एक सप्ताह में आ जाएगा। सुपर्ण वर्मा ने बताया कि इस तकनीक के तहत पहले स्कैनिंग की जाती है। इसके बाद इमेज बनती है और इसके बाद फाइनल रिपोर्ट दी जाती है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद आग लगने के कारणों को समझने में आसानी होगी। 

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