दिल्ली के अलग अलग जिलों में एक ही दिन में 4425 चालान काटे गए हैं। जबकि 38 एफआईआर दर्ज हुई हैं। इनमें से 4342 चालान मास्क नहीं पहनने या फिर सही तरह से नहीं पहनने पर काटे गए हैं।
कोरोना संक्रमण बढ़ते ही प्रशासन भी सख्त हो गया है। राजधानी में कोरोना नियम तोड़ने पर एक ही दिन में 38 मुकदमे दर्ज हुए हैं। वहीं अलग अलग जिलों में 88.72 लाख रुपये के चालान भी काटे गए हैं। दिल्ली के 11 में से केवल एक जिले में ही 38 मुकदमे दर्ज हुए हैं। जबकि सभी जिलों में मास्क नहीं पहनने पर सबसे अधिक चालान काटे गए।
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जानकारी के अनुसार दिल्ली के अलग अलग जिलों में एक ही दिन में 4425 चालान काटे गए हैं। जबकि 38 एफआईआर दर्ज हुई हैं। इनमें से 4342 चालान मास्क नहीं पहनने या फिर सही तरह से नहीं पहनने पर काटे गए हैं। जबकि 68 चालान दो गज की दूरी का पालन करने पर काटे गए हैं। इनके अलावा 15 चालान सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने के लिए काटे गए हैं। इन सभी चालान से 88,72,400 रुपये एकत्रित हुए हैं। सबसे ज्यादा 13.84 लाख रुपये उत्तरी जिले से एकत्रित हुए हैं। यहां मास्क न पहनने पर 667, दो गज की दूरी का पालन करने पर 17 और धूम्रपान करने पर आठ चालान काटे गए। सबसे कम सख्ती शाहदरा जिला में देखने को मिली है। यहां कोविड नियमों का पालन कराने के एवज में मास्क न पहनने पर ही सख्ती देखने को मिली है जिसके तहत काटे गए चालान से 4,36 लाख रुपये एकत्रित हुए।
दरअसल एक तरफ राजधानी के बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ की तस्वीरें सामने आ रही हैं। वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासनों ने इसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। चालान काटने के अलावा जागरुकता अभियान भी चलाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि मास्क को लेकर ही प्रशासन की सबसे अधिक सख्ती देखने को मिल रही है। जबकि शारीरिक दूरी को लेकर अधिकांश जिलों में कार्रवाई नहीं की गई है।