आईआईटी दिल्ली कैंपस में बुधवार को उन्नत भारत अभियान 2.0 के तहत रीजनल कोऑर्डिनेटर इंस्टीट्यूशन (आरसीआई) की पहली बैठक हुई। जिसमें आरसीआई और भारत के 35 विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू साइन हुआ। समझौते के तहत इन विश्वविद्यालयों द्वारा गांवों को गोद लिया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तकनीक का प्रयोग करके स्थानीय समुदायों का विकास करना व चुनौतियों का समाधान करना है।
ऐसे में इसमें उच्च शिक्षा के प्रमुख संस्थानों को शामिल करके एक समावेशी वास्तुकला का निर्माण करना है। एमओयू के बारे में विस्तार से बताते हुए आईआईटी दिल्ली के सचिव प्रो. वीरेंद्र कुमार विजय ने बताया कि उन्नत अभियान को सफल बनाने के लिए भारत के विभिन्न राज्यों में उच्च शिक्षा संस्थानों को जोड़ा जा रहा है। जिसे आरसीआई के नाम से भी जाना जाता है।
वर्ष 2014 में आईआईटी दिल्ली को एमएचआरडी की तरफ से यह जिम्मेदारी दी गई थी। आरसीआई में अब तक 2700 से अधिक इंस्टीट्यूशन जुड़ चुके हैं। साथ ही इन इंस्टीट्यूशन द्वारा करीब 10 हजार गांवों को गोद लिया गया है।
इस अभियान के तहत इंस्टीट्यूशन अपने क्षेत्र के गांव का निरीक्षण करके गांवों में दिक्कतों और विकास की जरूरतों की तलाश करेंगे। साथ ही तकनीक का प्रयोग करके गांवों के विकास में तेजी लाएंगे। जिसे वहां के गांव में रहने वाले युवाओं को नौकरी मिल सके।
बहरहाल, इस अवसर पर एमएचआरडी के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव आर. सुब्रमण्यम ने वीडियो संदेश भेजा था। जिसमें उन्होंने कहा कि उन्नत भारत अभियान को आगे बढ़ाने में उच्च शिक्षा विभाग पूरा सहयोग करेगा। साथ ही तकनीक से जुड़कर भारत के गांव भी विकसित होंगे। सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को इस अभियान से संबंधित प्रति वर्ष अपनी रिपोर्ट जमा करवानी होगी।