बैंकों के ड्राप बॉक्स में अब चेक भी सेफ नहीं
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नौ फर्जी बैंक खातों में 34 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा कराने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि इनको चेक क्लोन करने और फर्जी चेक बैंक में जमा कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस इस मामले में जल्द ही कुछ और लोगों को गिरफ्तार कर सकती है।
ग्रेटर-कैलाश-दो में रहने वाली सुमन आनंद ने 16 सितंबर को चितरंजन पार्क थाने में अपने साथ हुई ठगी की दी शिकायत में कहा था कि उसके खाते से आरटीजीएस के जरिये तीन सितंबर को 40 लाख 50 हजार 200 रुपये और पांच सितंबर को 12 लाख 20 हजार 300 रुपये कोटक महिंद्रा बैंक से निकाले गए। जिन चेक से पैसे निकाले गए उसके ऑरिजनल चेक उसके पास हैं। चितरंजन पार्क थाना पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की। बाद में मामले की जांच अपराध शाखा को सौंप दी थी।
अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह की देखरेख में एसआई देवेंद्र दहिया व रविंद्र तेब्तिया की टीम ने जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने नए खुलासे किए। पता लगा कि इस गिरोह के लोगों ने फर्जी तरीके से नौ खाते खुलवा रखे हैं और इन खातों में 34 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा कराए गए हैं। अपराध शाखा ने ठगी के मामले में राजकुमार गोयल व रंजीत को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने अब मुरादाबाद, यूपी निवासी मेहदी हसन व झारखंड निवासी कृष्ण कुमार को गिरफ्तार किया है। मेहदी हसन चेक क्लोन करता था और उन्हें फर्जी कागजात से खुलवाए गए बैंक खातों में जमा करवाता था। कृष्ण कुमार ने फर्जी पैन कार्ड व आईडी से बैंक में खाते खुलवाए थे। पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपियों ने चेक क्लोन कर लोधी कॉलोनी स्थित एक बैंक से 2.87 करोड़, जीडीए, गाजियाबाद, यूपी के खाते से तीन करोड़, ग्रेटर कैलाश से 87 लाख और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी से 1.64 करोड़ रुपये निकाले। पुलिस इस मामले में और आरोपियों की तलाश कर रही है।