राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली में इस साल अब तक डेंगू के 34 मामले सामने आए हैं। नगर निगम की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक इस साल 2017 के बाद सबसे ज्यादा डेंगू के मामले सामने आए हैं। 1 जनवरी से 26 जून के बीच की अवधि में 2017 में डेंगू के कुल 55 मामले सामने आए थे। दिल्ली में मानसून का आना अभी बाकी है। बरसात के दिनों में मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल अभी तक डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है।
डेंगू फैलाने करने वाले मच्छर के लार्वा साफ पानी में प्रजनन करते हैं। जबकि मलेरिया जनित मच्छरों के लार्वा गंदे पानी में भी पनपते हैं। दिल्ली में वेक्टर जनित रोगों के मामले आमतौर पर जुलाई से तेजी से बढ़ने शुरू होते हैं। नवंबर-दिसंबर के मध्य मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप हर साल यहां बढ़ जाता है।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार 1 जनवरी से 26 जून तक डेंगू के 34 मामलेआ चुके हैं। जनवरी में इसकी संख्या शून्य थी, जबकि फरवरी में 2, मार्च में 5, अप्रैल में 10 और मई में यह संख्या बढ़कर 12 हो गई थी। जून में फिर से डेंगू के मामले घटकर 5 रह गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस साल अभी तक मलेरिया-चिकनगुनिया के 11 मामले सामने आए हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को कोविड-19 महामारी के दौर में मच्छर जनित बीमारियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। मलेरिया और डेंगू से पीड़ित होने पर तेज बुखार होता है। मच्छरजनित बीमारियों के कारण बुखार होने पर लोगों को कोविड संक्रमण का संदेह भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में लोगों को तुरंत मेडिकल जांच करानी होगी। डॉक्टरों की सलाह के बाद उचित उपचार लेना होगा।