देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के कार्डियक-न्यूरो सेंटर में एक वर्ष में 3394 मरीजों की मौत हुई है।
इसके अलावा भी कई विभागों में इलाज के दौरान मरीजों की मौत हुई है। सूचना के अधिकार कानून के तहत यह जानकारी मिली है।
सूचना के अधिकार कानून के तहत मिली जानकारी के मुताबिक कार्डियक न्यूरो सेंटर में अप्रैल-2013 से मार्च-2014 के बीच 14,083 मरीज दाखिल हुए थे, जिनमें से 3394 मरीजों की मौत इलाज के दौरान हो गई।
इसी अवधि में नेफ्रोलॉजी विभाग में 8139 मरीजों को भर्ती कराया गया जिसमें 151 मरीजों की मौत हो गई।
एम्स के गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी में एक वर्ष में 2674 मरीजों को भर्ती कराया गया जिसमें इलाज के दौरान 448 मरीजों की मौत हो गई। न्यूरोलॉजी विभाग में 1672 मरीजों को भर्ती कराया गया जिसमें 67 मरीजों की मौत बीमारी की वजह से गई।