ग्रेटर नोएडा के जेवर कस्बे के बनीइसराइल मोहल्ले में रविवार रात सात बदमाशों ने थाने से करीब 300 मीटर की दूरी पर किसान परिवार को बंधक बनाकर डकैती डाली। विरोध करने पर बदमाशों ने पीड़ितों को पीटा भी। डकैत घर में करीब तीन घंटे तक रहे और ट्रैक्टर व बाइक समेत करीब 10 लाख रुपये के जेवर ले गए। सूचना मिलने पर करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और डकैती की घटना को चोरी का बताने में जुटी रही। पुलिस ने पीड़ितसे डकैती की तहरीर लेने से ही इंकार कर दिया और बाद में चोरी जैसी घटना की तहरीर लिखवाकर मामला दर्ज किया।
जानकारी के मुताबिक, कल्याण सिंह खुर्जा रोड स्थित बाहरी छोर पर रहते हैं। रविवार रात करीब 12:30 बजे सात नकाबपोश बदमाश दीवार कूदकर उनके घर में घुस गए। उन्होंने आंगन में सो रहे कल्याण सिंह को गन प्वाइंट पर लेकर उसके फोन की बैटरी निकाल दी। इसके बाद डकैतों ने कल्याण की पत्नी आज्ञा देवी, बेटे सुनील और उसकी पत्नी अंजनी को बंधक बना लिया। बदमाशों ने चारों लोगों के हाथ-पैर और मुंह बांधकर रसोई में डाल दिया। डकैतों ने दोनों महिलाओं के सोने के कुंडल, चेन और अन्य जेवर छीन लिए। फिर उन्होंने अलमारी में रखे करीब पांच हजार रुपये और पांच लाख के जेवर निकाल लिए।
फुर्सत से चाय बनाकर पी, इत्मिनान से देखा टीवी
करीब तीन घंटे तक बदमाशों ने घर में जमकर कहर ढाया। इस बीच उन्होंने घर में चाय बनाकर पी और खाया-पिया भी। इसके अलावा बदमाशों ने घर में करीब आधे घंटे तक बेखौफ होकर टीवी भी देखा। डकैत जाते हुए करीब 3:30 बजे घर से भागे और ट्रैक्टर व बाइक समेत करीब 10 लाख का सामान ले गए।
डेढ़ घंटे बाद आई पुलिस
पीड़ितों ने एक-दूसरे के हाथ-पैर खोलकर शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और जेवर पुलिस को सूचना दी। मगर पुलिस ने थाने से करीब 300 मीटर दूर घटनास्थल पर पहुंचने में डेढ़ घटे लगा दिए। किसान का बेटा डकैती की घटना के लिए तहरीर लेकर गया तो पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया बल्कि पुलिसकर्मियों ने स्वयं तहरीर लिखाई और उसी के आधार पर चोरी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।
जांच कराई जा रही है
एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि उनके अधीनस्थ अफसरों ने जेवर में हुई किसान के घर पर घटना को चोरी बताया था। अगर वहां पर बदमाशों की संख्या सात थी और पीड़ित परिवार को बंधक बनाकर सामान ले जाया गया है तो वह डकैती की श्रेणी में आती है। मामले की जांच कराई जाएगी और अगर सही पाया गया तो डकैती की धाराओं में केस दर्ज कराया जाएगा।