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UP IAS: यूपी में 27 आईएएस अफसरों ने नहीं दिया संपत्ति का ब्योरा, डीएम और विशेष सचिव स्तर के अधिकारी शामिल

Tue, 28 Jun 2022 05:50 AM IST
विजय पुंडीर महेंद्र तिवारी, नई दिल्ली

सार

केंद्र व राज्य सरकारों की सेवा में तैनात यूपी काडर के 27 से अधिक आईएएस अधिकारियों ने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है। डीओपीटी में स्थापना अधिकारी एवं अपर सचिव दीप्ति शंकर ने इस वर्ष 11 जनवरी को राज्यों के मुख्य सचिवों को इस संबंध में पत्र लिखा था। 
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IAS - फोटो : social media
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विस्तार
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केंद्र व राज्य सरकारों की सेवा में तैनात यूपी काडर के 27 से अधिक आईएएस अधिकारियों ने नियत अवधि बीतने के बावजूद संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है। इसमें जिलाधिकारी (डीएम), विशेष सचिव स्तर और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए अधिकारी भी शामिल हैं।

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कई ऐसे अफसरों ने भी ब्योरा देने की जरूरत नहीं समझी, जो इस वर्ष एक जनवरी या उसके बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। पदोन्नतियों पर विचार के लिए तय समय पर संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य है। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के अनुसार ऐसा न करने पर कार्रवाई का भी प्रावधान है।

मृतकों, सेवा छोड़ने वालों से भी मांगा जा रहा विवरण
केंद्र सरकार मे डीओपीटी आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति से सेवानिवृत्ति व कार्रवाई तक के लिए जिम्मेदार है। मगर, डीओपीटी की वेबसाइट पर एक जनवरी, 2022 से आईपीआर दाखिल करने में  विफल अधिकारियों की सूची में उनका भी नाम शामिल है, जिनकी काफी समय पहले सेवा में रहते हुए मृत्यु हो चुकी है या सेवा छोड़ चुके हैं। सूची में शामिल 1993 बैच के आईएएस अधिकारी राजीव अग्रवाल अक्तूबर 2019 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके हैं। उनका नाम भी आईपीआर दाखिल न करने वाले अफसरों के साथ शामिल है। राजीव वर्तमान में फेसबुक (मेटा) के पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर हैं।
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11 जनवरी को मुख्य सचिवों को लिखा था पत्र
केंद्र सरकार के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया, डीओपीटी में स्थापना अधिकारी एवं अपर सचिव दीप्ति शंकर ने इस वर्ष 11 जनवरी को राज्यों के मुख्य सचिवों को इस संबंध में पत्र लिखा था। उन्होंने आईएएस आचरण नियमावली का हवाला देते हुए समस्त कार्यरत आईएएस अधिकारियों को 31 दिसंबर, 2021 की स्थिति के अनुसार 31 जनवरी 2022 तक अपनी अचल संपत्ति का ब्योरा दाखिल कराने को कहा था।

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सुशील व अजय की डेढ वर्ष पहले मृत्यु
यूपी कॉडर के 2010 बैच के आईएएस अधिकारी सुशील कुमार मौर्या की सितंबर 2020 में कोविड संक्रमण के बाद इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। इसी तरह 1998 बैच के आईएएस अधिकारी अजय कुमार सिंह की दिसंबर, 2020 में विधान परिषद चुनाव में वाराणसी में मतगणना पर्यवेक्षक की ड्यूटी के दौरान हार्टअटैक से मृत्यु हो गई थी। संपत्ति का ब्योरा न देने वाले अफसरों की सूची में इनका नाम भी शामिल है। 2008 बैच की आईएएस अधिकारी एस. मथुशालिनी भी सेवा छोड़ चुकी हैं।

यूपी कॉडर के इन अधिकारियों ने नहीं दिया संपत्ति का ब्योरा 
रिग्जियान सैंफिल, अपर स्थानिक आयुक्त यूपी सरकार, अजय शंकर पांडेय, आयुक्त एवं सचिव स्तर, दिनेश कुमार सिंह-प्रथम, आयुक्त एवं सचिव स्तर, योगेश्वर राम मिश्र, आयुक्त एवं सचिव स्तर, नवीन कुमार जीएस., अंतर्राज्जीय प्रतिनियुक्ति।

इन अफसरों ने बरती लापरवाही
लापरवाही बरतने वाले अफसरों में केंद्र में अपर सचिव जूथिका पाटणकर, प्रदेश अपर सचिव हेमंत राव व मनोज सिंह और सचिव के पद पर तैनात हरि ओम शामिल हैं।

जिलाधिकारी व विशेष सचिव स्तर के अधिकारी
चंद्र भूषण सिंह, संजय कुमार खत्री, अनिल कुमार मिश्रा, चंद्र शेखर, मंगला प्रसाद सिंह, राजेंद्र सिंह-द्वितीय, राजेश कुमार त्यागी, शेष नाथ, आलोक सिंह, महेंद्र प्रसाद, मनोज कुमार राय, रजनीश चंद्रा, अर्चन गहरवार, महेंद्र सिंह तंवर, महेंद्र सिंह, पवन कुमार गंगवार, श्याम बहादुर सिंह, विशाल सिंह। स्रोत- डीओपीटी वेबसाइट, 19 जून, 2022
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