आयकर विभाग ने नोएडा प्राधिकरण के दो आईएएस ऑफिसर समेत 25 अधिकारियों की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मांगा है। यह वे अधिकारी हैं जो नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह के कार्यकाल में तैनात रहे हैं। इनमें ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं या फिर उनका तबादला हो गया है।
नोएडा प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग से इस संबंध में नोटिस मिला है। इसमें दो आईएएस अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। सूची में दिए 25 नामों की चल-अचल संपत्ति की जानकारी प्राधिकरण के पास नहीं है।
यही वजह है कि प्राधिकरण ने इन अधिकारियों से जानकारी मांगी है। हालांकि, कुछ अधिकारियों के नाम गलत भी हैं। सूत्र बताते हैं कि आयकर विभाग को शक है कि नोटबंदी के बाद अधिकारियों के खातों में कुछ न कुछ हेराफेरी हुई है।
इसी के चलते नोटबंदी के बाद ही नोटिस भेजकर अधिकारियों की जानकारी मांगी है। अधिकारियों की जितनी तनख्वाह है, उससे ज्यादा कितनी कमाई की गई की भी जानकारी जुटाई जाएगी।
मालूम हो कि 2012 में नोएडा में विकास कार्य कराने के नाम पर 954 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप यादव सिंह पर लगा था। सीबीआई ने सबूत जुटाने के बाद यादव सिंह को गिरफ्तार किया था। यादव सिंह डासना जेल में बंद हैं। मामले की सुनवाई गाजियाबाद की सीबीआई अदालत में चल रही है। वहीं, यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता फरार हैं। ऐसे में संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई शुरू हो गई है।