सड़क से लेकर संसद तक पूरे देश में छाए हुए मुद्दे, धर्मांतरण ने सोमवार को एनसीआर क्षेत्र के ग्रेटर नोएडा में अपनी दस्तकर दी। ग्रेनो के दनकौर क्षेत्र के बल्लूखेडा गांव की दलित बस्ती में करीब 24 लोगों ने सोमवार को ईसाई धर्म अपनाने के लिए पंचायत की। दलितों का कहना है कि समाज व राजनीतिक दल, दलितों का उचित सम्मान नहीं कर रहे हैं।
ऐसे में धर्म परिवर्तन के लिए ईसाई धर्म के कुछ लोगों को सोमवार को गांव में बुलाया गया। वहीं, धर्म परिवर्तन के लिए पंचायत की सूचना मिलते ही संघ और कई संगठनों के कार्यकर्ता ग्रामीणों को समझाने के लिए गांव में पहुंच गए।
पांच महीने से हो रहा है गांव में ईसाई धर्म का प्रचार
बल्लूखेडा गांव में करीब पांच माह पहले ईसाई धर्म के कुछ लोगों का गांव के ही एक परिवार से परिचय हुआ था। इसके बाद लोग गांव में आकर अपने धर्म का प्रचार करने लगे, जिससे दलित समाज के करीब 24 लोग उनके संपर्क में आ गए। पंचायत की अध्यक्षता देवीराम ने की।
उनका कहना है कि समाज में दलितों को उचित स्थान नहीं मिल पा रहा है। समाज की दलित विरोधी कुरीतियों को झेलने के बजाय ईसाई धर्म अपनाना उनके लिए बेहतर विकल्प है। इसी को लेकर पंचायत कर सभी दलितों ने निर्णय लिया है कि धर्म परिवर्तन किया जाएगा।
संघ के समझाने पर नहीं किया धर्मपरिवर्तन
गांव के लोगों ने धर्मपरिवर्तन की प्रक्रिया जानने के लिए ईसाई धर्म के कुछ लोगों को गांव में बुलाया गया था। पंचायत में रामकिशन, सतीश और श्यामलाल आदि भी शामिल हुए।
वहीं, विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष रंजीत राघव का कहना है कि गांव के एक परिवार के लोग ईसाई धर्म के लोगों से जुड़े हुए थे। गांव में पहुंचकर उस परिवार समेत सभी ग्रामीणों को समझा दिया गया है।
अब ग्रामीणों ने धर्म परिवर्तन न करने का संकल्प लिया है। इस बारे में एसडीएम सदर बच्चू सिंह का कहना है कि धर्म परिवर्तन का कोई मामला नहीं है। लोग अफवाह फैला रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।