केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के बारहवीं के नतीजों में एक बार फिर से विद्यार्थियों ने सौ का दम दिखाया है। देशभर से इस बार 70 विषयों में कुल 23,720 विद्यार्थियों ने शतक लगाया है। इनमें सर्वाधिक 6126 विद्यार्थियों ने पेंटिंग विषय में सौ का आंकड़ा छुआ है। इसके बाद केमिस्ट्री में 2152 विद्यार्थियों ने शतकीय पारी खेली है। जबकि गणित का डर भगाते हुए 722 विद्याथियों ने इस विषय में सौ में से सौ अंक प्राप्त किए हैं।
वहीं, बारहवीं के नतीजों में 90 फीसदी व 95 फीसदी से अधिक अंक लाने वालों की होड़ लगी है। साल दर साल इतने अधिक अंक लाने वालों का ग्रॉफ बढ़ता जा रहा है। हालांकि डीयू में सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट) व आईपीयू में सीईटी और सीयूईटी, अंबेडकर में सीयूईटी से दाखिले होने के कारण इतने अंकों का महत्व कुछ कम हुआ है। दरअसल, अब विवि बारहवीं के अंकों के आधार पर कट ऑफ जारी नहीं करते, बल्कि सीयूईटी स्कोर के आधार पर दाखिला देते हैं।
इस बार छात्रों ने काफी विषयों में सौ का आंकड़ा छूआ है। साइकोलॉजी में 2097, राजनीति शास्त्र में 1024, अकाउंटेंसी में 1175, कंप्यूटर साइंस में 975, फिजिक्स में 1358, इकोनोमिक्स में 1258, बॉयोलॉजी में 530, इंग्लिश कोर में 3990 में सौ में से सौ अंक लिए हैं। रिजल्ट में गणित का भय नहीं दिखा है। इस विषय में 722 छात्रों के सौ में से सौ अंक हैं।
बोर्ड के नतीजे इस साल देशभर में 90 से 100 फीसदी के बीच अंक लाने वाले 1,40,213 विद्यार्थी हैं। इनमें से 1,16,145 छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। जबकि 95 फीसदी से अधिक लाने वालों की संख्या 24,068 पहुंच गई है। जबकि बीते साल 95 फीसदी से अधिक प्राप्त करने वालों की संख्या 22,622 व 90 फीसदी से अधिक अंक लाने वालों की संख्या 1,12,838 रही थी। साल दर साल अंक लाने की यह होड़ लगातार बढ़ती जा रही है। इस तरह से 90 से 100 फीसदी अंक पाने वालों की संख्या 1,35,460 रही थी।
वर्ष 2022 के नतीजों में सभी जोन मिलाकर कुल 1,68,229 छात्रों ने 90 से 100 फीसदी के बीच अंक प्राप्त किए हैं। इनमें से 90 फीसदी से अधिक अंक पाने वाले 1,34, 797 व 95 फीसदी से अधिक पाने वालों की संख्या 33,432 रही थी। यह आंकड़ा वर्ष 2021, व 2020 के मुकाबले में कम था। दरअसल कोरोना महामारी के कारण 2021 में तो परीक्षा आयोजित ही नहीं की गई, जबकि 2020 में कुछ विषयों की ही परीक्षाएं आयोजित की गई थी। दोनों सालों में अलग तरह से रिजल्ट जारी किया गया था।
वर्ष 2020 में 1,57, 934 विद्यार्थियों को तो 2021 में 1,50,152 विद्यार्थियों को 90 फीसदी से अधिक अंक मिले। जबकि 2022 में ऐसे छात्रों की संख्या 1,34,797 है। इन दोनों सालों में 90 से 100 फीसदी अंक लाने वाले इसलिए बढ़े, क्योंकि कोरोना काल होने के कारण अलग-अलग तरह से रिजल्ट जारी किया गया था। यदि इस साल के आंकड़े की तुलना बीते सालों से करें तो 90 से 100 फीसदी अंक लाने वाले लगातार बढ़ रहे हैं।
वर्ष 2019 के रिजल्ट में 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वालों की संख्या 94,299 थी। वहीं 17,693 विद्यार्थियों को 95 फीसदी से अधिक अंक मिले थे। वहीं वर्ष 2018 के रिजल्ट पर नजर डालें तो 90 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थी 92,599 थे, जबकि 95 फीसदी से अधिक अंक 12,737 को मिले थे। वर्ष 2017 में 90 फीसदी से अधिक लाने वालों की संख्या 63,247, और 95 फीसदी से अधिक अंक पाने वालों की संख्या 10,091 थी।